क्रेडिट कार्ड अपग्रेड के नाम पर 1.34 लाख ठगी… वहीं,एटीएम में कार्ड फंसाकर 1.47 लाख की ठगी

 

राँची।राँची में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जिसमें पुंदाग निवासी साकिब अहमद के क्रेडिट कार्ड से 1,34,410 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।पीड़ित के अनुसार उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया,जिसमें खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड अपग्रेड करने की बात कही गई। इसके बाद उसी नंबर से व्हाट्सएप पर एक फाइल भेजी गई और बैंक का मोबाइल ऐप अपडेट करने को कहा गया। फाइल डाउनलोड करते ही उसके मोबाइल पर लगातार ओटीपी आने लगे और कुछ ही देर में उसके क्रेडिट कार्ड से पैसे कट गए। मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल कर कार्ड ब्लॉक कराया, लेकिन तब तक ठग ट्रांजैक्शन कर चुके थे। इसके बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साइबर अपराध थाना राँची में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप लिंक व ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर ठगों की तलाश की जा रही है।

एटीएम में कार्ड फंसाकर 1.47 लाख की ठगी, फर्जी नंबर से जाल बिछाकर दंपती को बनाया शिकार

राँची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में एटीएम ठगी का एक संगठित मामला सामने आया है, जहां एटीएम मशीन में कार्ड फंसाकर शातिर अपराधियों ने 1,47,000 रुपए की ठगी कर ली। इस संबंध में लक्ष्मी देवी ने सुखदेवनगर थाना में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, लक्ष्मी देवी के पति रामजीवन सिंह रांची रेलवे स्टेशन जाने के क्रम में किशोरगंज रोड नंबर-1 स्थित एसबीआई एटीएम से 1500 रुपए की निकासी करने पहुंचे थे। निकासी के बाद उनका एटीएम कार्ड मशीन में ही फंस गया। इसी दौरान वहां मौजूद दो युवकों में से एक ने एटीएम पर चिपके एक नंबर 725009××03 पर कॉल करने की सलाह दी। कॉल करने पर खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने पहले 30 मिनट में पहुंचने का भरोसा दिया, फिर बैंक आने को कहा और बाद में एटीएम के पास बुलाया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। पीड़ित को उसी दिन चेन्नई के लिए रवाना होना था, इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी को एटीएम कार्ड लेने के लिए कह दिया। जब लक्ष्मी देवी ने दोबारा संपर्क किया तो उन्हें गुड फ्राइडे का बहाना बनाकर अगले दिन कार्ड देने की बात कही गई। अगले दिन बैंक जाने पर उन्हें कार्ड ब्लॉक कराने की सलाह दी गई। हालांकि तब तक उनके यूनियन बैंक खाते से 1,47,000 रुपये की निकासी हो चुकी थी। इसमें 49,500 रुपए दीप ज्वेलर्स और 49,500 रुपए आउस ज्वेलर्स में स्वाइप किए गए, जबकि शेष राशि नकद निकाली गई। घटना की जानकारी बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर हुई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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