विष्णुगढ़ हत्याकांड :इंसाफ की मांग करने वाला झोलाछाप नेता निकला मासूम बच्ची का हत्यारा, कई दिनों तक अपने पार्टी के बड़े नेता, मीडिया और पुलिस को किया गुमराह…आखिर झोलाछाप नेता पुलिस की गिरफ्त में आ ही गया…

 

हज़ारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में हुए घटना को लेकर जिस शख्स ने मामले को लेकर सबसे ज्यादा शोर मचाया, सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया और मीडिया के सामने हत्यारे को फांसी देने की मांग की, अंततः वही 12 वर्षीय बच्ची के हत्या का मुख्य सूत्रधार और हत्यारा निकला। मासूम बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में जो खुलासा हुआ है, उसने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरी राजनीतिक बिरादरी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में भाजपा नेता भीम राम की काली करतूतों का पर्दाफाश हो गया है।

पुलिस की तफ्तीश के अनुसार, यह मामला महज़ एक हत्या का नहीं बल्कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के घिनौने खेल से जुड़ा है।भीम राम ने एक तांत्रिक महिला और बच्ची की मां के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने बच्ची की जान सिर्फ गला दबाकर नहीं ली, बल्कि पत्थर से कुचलकर उसके शरीर से खून निकाला, जिसका इस्तेमाल संभवतः किसी तांत्रिक अनुष्ठान के लिए किया जाना था।

बीजेपी से जुड़ा झोलाछाप नेता भीम राम ने पुलिस और अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।घटना के बाद से ही वह लगातार मीडिया में बयानबाजी करता रहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, वह भाजपा के बड़े नेताओं के साथ मिलकर पुलिस पर दबाव बनाता रहा, ताकि जांच की दिशा भटकी रहे वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का नाटक करता रहा, जबकि वह खुद उस षड्यंत्र का हिस्सा था।

शुरुआत में पुलिस को भीम राम पर संदेह नहीं था क्योंकि वह खुद मामले में ‘एक्टिव’ दिख रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और तांत्रिक महिला से पूछताछ के बाद कड़ियां जुड़ती गईं।जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो भीम राम के बयानों में विरोधाभास पाया गया। आखिरकार, उसने कबूल किया कि उसने ही बच्ची की हत्या की और साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया।

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