ट्रेजरी घोटाला: फर्जी टेंपररी आईडी बनाकर सरकारी खजाने से उड़ाए 17.14 लाख, जेल में बंद निलंबित प्रधान लिपिक मुनींद्र कुमार पर एक और एफआईआर दर्ज

 

–होटवार स्थित फ्रोजेन सीमेन बैंक में वेतन मद की राशि में हेराफेरी, कुबेर पोर्टल पर डेटा फीड कर की गई अवैध निकासी, पहले से आरोपी के विरुद्ध दर्ज है रांची व रामगढ़ में दो केस

राँची।राँची में सरकारी खजाने से अवैध निकासी और वित्तीय धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। होटवार स्थित फ्रोजेन सीमेन बैंक में वेतन मद की राशि में हेराफेरी कर कुल 17,14,000 रुपए की अवैध निकासी की गई है। इस मामले को लेकर फ्रोजेन सीमेन बैंक के कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिन्हा ने खेलगांव थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2020-21 में वेतन मद से आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी से जुड़ा है। प्राथमिकी में मुख्य आरोपी मुनींद्र कुमार को बनाया गया है, जो तत्कालीन लिपिक सह लेखापाल के पद पर कार्यरत थे और सम्प्रति पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, कांके में प्रधान लिपिक के पद से निलंबित चल रहे हैं। आरोपी मुनींद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए ट्रेजरी के कुबेर पोर्टल पर फर्जी और अस्थायी आईडी बनाकर सरकारी धन का गबन किया।

कुबेर पोर्टल पर फर्जी टेंपररी आईडी का खेल

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह पूरा घोटाला तत्कालीन कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार झा के कार्यकाल के दौरान हुआ। विभागीय जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि मुनींद्र कुमार ने ट्रेजरी के ऑनलाइन पोर्टल पर बड़ी चालाकी से फर्जी डेटा फीड किया। जांच के दौरान जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया, वह मासोमात पोकली उरांव (पत्नी स्व० दासो उरांव) के नाम पर की गई अवैध निकासी का है। आरोपी ने कुबेर पोर्टल पर मासोमात पोकली उराँव के नाम से एक टेंपररी आईडी (सं०- टीएमपी/आरएनसी/19177) तैयार की। इसके बाद, अक्टूबर 2007 से लेकर जुलाई 2020 तक का बकाया वेतन दिखाकर कुल 6,90,000/- रुपए की अवैध निकासी कर ली गई। इस राशि को बैंक ऑफ इंडिया, अरसंडे (कांके) के खाता संख्या- 589510110004539 में ट्रांसफर कर दिया गया। इतना ही नहीं, इसके तुरंत बाद आरोपी ने दो और बड़ी अवैध निकासियां कीं। अक्टूबर 2020 का वेतन: मासोमात पोकली उरांव के ही खाते में पुनः 7,12,000/- रुपये की फर्जी निकासी कर भेजी गई।

भूतपूर्व चालक के नाम पर भी किया गबन

जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि कार्यालय के एक भूतपूर्व चालक मो. नेसार आलम के नाम पर अक्टूबर 2020 का वेतन दिखाकर 3,12,000/- रुपए की अवैध निकासी की गई। यह राशि भारतीय स्टेट बैंक ए/सी न.: 10160248514 में ट्रांसफर की गई, जो चालक की पत्नी नूरजहां बेगम के साथ एक संयुक्त खाता है। शिकायतकर्ता डॉ. विवेक कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि ये सभी निकासियां पूरी तरह से फर्जी, अवैध और नियमविरुद्ध हैं। चौंकाने वाली बात यह भी है कि इस भारी-भरकम निकासी से संबंधित कोई भी विपत्र की छायाप्रति या वेतन विवरणी कार्यालय के रिकॉर्ड में संधारित ही नहीं की गई थी, जिससे साफ होता है कि सबूतों को भी मिटाने का प्रयास किया गया था।

खुद को अधिकारी और दूसरों को क्लर्क बनाकर बनाईं फर्जी आईडियां

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुनींद्र कुमार ने केवल दूसरों के नाम पर ही पैसे नहीं निकाले, बल्कि कुबेर पोर्टल पर स्वयं और कुछ अन्य कर्मचारियों व पदाधिकारियों के नाम से भी कई टेंपररी आईडी क्रिएट की थीं। मुनींद्र कुमार ने अपने नाम से टेंपररी आईडी (टीएमपी/आरएनसी/19520) बनाई, जिसमें खुद का पदनाम एआईओ (कृत्रिम प्रजनन पदाधिकारी) दर्शा दिया, जो कि एक राजपत्रित अधिकारी का पद है। इस आईडी में उन्होंने अपना पे-स्केल लेवल 2-12, बेसिक पे 1,15,800 रुपए और ग्रेड पे 7600 रुपये दर्ज कर रखा था। इसके अलावा प्रियंका कुमारी की आईडी कें नाम पर टेंपररी आईडी (टीएमपी/आरएनसी/12236) बनाई गई, जिसमें पेबैंड-1, ग्रेड पे 1900, लेवल-1 और पे 7730 रुपए दर्ज था। डॉ. बालमुकुन्द प्रसाद की आईडी के नाम पर भी टेंपररी आईडी (टीएमबी/आरएनसी/20836) क्रिएट की गई थी, हालांकि इस पर कोई बेसिक इंफॉर्मेशन दर्ज नहीं पाई गई।

निदेशक के निर्देश पर कार्रवाई, आरोपी पहले से है जेल में बंद

पशुपालन निदेशालय इस पूरे मामले को लेकर बेहद गंभीर है। पशुपालन निदेशक, झारखंड, रांची के (पत्रांक – 685, दिनांक- 03.07.2026) के निर्देश पर फ्रोजेन सीमेन बैंक के वर्तमान पदाधिकारी डॉ. विवेक कुमार सिन्हा ने आधिकारिक तौर पर खेलगांव थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर सरकारी राशि के गबन, धोखाधड़ी, कूटरचना (फर्जी दस्तावेज तैयार करना) और आपराधिक विश्वासघात की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

पहले से दर्ज हैं कई मामले, सीआईडी की एसआईटी कर रही जांच

विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी मुनींद्र कुमार एक आदतन और शातिर जालसाज है। उसके खिलाफ पहले से ही रांची के कोतवाली थाना में (कांड संख्या 76/2026) और रामगढ़ थाना में (कांड संख्या 091/2026) के तहत प्राथमिकताएं दर्ज हैं। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस पूर्व में ही आरोपी मुनींद्र कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद है। पूर्व में दर्ज दोनों मामलों की जांच सीआईडी की एसआईटी कर रही है। अब एक नया मामला आने के बाद इस मामले को भी सीआईडी इसे भी टेकओवर करेगी

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