रामगढ़ के गोला में 11 टन संदिग्ध मांस-चमड़ा जब्त, बंगाल के दो आरोपी गिरफ्तार; बाबूलाल मरांडी के आरोपों से गरमाई सियासत

रामगढ़। रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक ट्रक से करीब 11 टन संदिग्ध मांस और पशु चमड़ा बरामद होने के बाद पुलिस, प्रशासन और राजनीति तीनों मोर्चों पर हलचल तेज हो गई है। मामले में पश्चिम बंगाल के दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि विपक्ष ने इस प्रकरण को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संदेह के आधार पर WB-19L-8183 नंबर के ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में भारी मात्रा में संदिग्ध मांस और पशु चमड़ा मिला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ट्रक को गोला थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और ट्रक में सवार बापन तथा चंदन दास को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

घटना के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में बजरंग दल और अन्य सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता गोला थाना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कथित मवेशी तस्करी और अवैध पशु वध से जुड़े पूरे नेटवर्क की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल ट्रक चालक या सहयोगियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस कारोबार के कथित मास्टरमाइंड तक पुलिस को पहुंचना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ट्रक चितरपुर क्षेत्र से लोड होकर पश्चिम बंगाल की ओर जा रहा था। हालांकि, पुलिस ने ट्रक के स्रोत और गंतव्य को लेकर जांच जारी होने की बात कही है।

थाना परिसर में जब्त ट्रक खड़ा रहने से तेज दुर्गंध फैलने की शिकायत भी सामने आई है। पुलिस ने ट्रक में मिले संदिग्ध मांस और चमड़े के नमूने वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री किस पशु की है और आगे किन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

गोला थाना प्रभारी अभिषेक कुमार ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अवैध तस्करी या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

बाबूलाल मरांडी ने लगाए गंभीर आरोप

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। झारखण्ड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा संवेदनशील मामला है।

मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में गो तस्करी और अवैध पशु परिवहन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और ऐसी गतिविधियां राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरक्षण के बिना संभव नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि गोला थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद राज्य सरकार के दो मंत्री पुलिस पर मामले को हल्का करने और जब्त ट्रक को छोड़ने का दबाव बना रहे हैं।

प्रतिपक्ष के नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि गो तस्करी या अवैध कारोबार में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि, बाबूलाल मरांडी के लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित मंत्रियों की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

error: Content is protected !!