जमीन विवाद में गरमाया माहौल, तीर-धनुष के साथ पहुंचे ग्रामीण, पुलिस ने कराया शांत

 

गिरिडीह। झारखण्ड के गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र के भुराई गांव में रविवार को जमीन विवाद ने ऐसा रूप ले लिया कि पूरा इलाका रणभूमि जैसा नजर आने लगा। करीब 2 एकड़ 24 डिसमिल जमीन पर दावा ठोकने के लिए दो पक्ष पारंपरिक तीर-धनुष, मांदर और ग्रामीण हथियारों के साथ आमने-सामने आ गए। माहौल लगातार तनावपूर्ण होता जा रहा था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े टकराव को टाल दिया।

बताया जाता है कि खाता संख्या 34, प्लॉट संख्या 605 की विवादित जमीन को लेकर पिछले तीन वर्षों से मामला अनुमंडल न्यायालय में लंबित है। बावजूद इसके, रविवार को इनुस मियां के पक्ष के लोगों ने जमीन पर ट्रेंच (खाई) काटने और ईंट गिराने का काम शुरू कर दिया।

इसकी सूचना मिलते ही मंझलू मांझी के पक्ष के दर्जनों महिला-पुरुष और बच्चे कठकोको गांव से तीर-धनुष और मांदर के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विवादित जमीन पर खूंटी-खंभे गाड़कर अपना दावा जताया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हल्की झड़प शुरू हो गई, जिससे माहौल बेहद गर्म हो गया।

मंझलू मांझी पक्ष के रामजीत मुर्मू का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है, जबकि इनुस मियां पक्ष का दावा है कि जमीन उन्हीं की है। दोनों अपने-अपने दावे पर अड़े रहे।सूचना मिलते ही तिसरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिया कि न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक कोई भी पक्ष विवादित जमीन पर निर्माण या किसी तरह की गतिविधि नहीं करेगा। इसके बाद ट्रेंच काटने का काम भी रोक दिया गया।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लंबे समय से कोर्ट में मामला लंबित रहने के कारण दोनों पक्षों में नाराजगी जरूर है, लेकिन अब सभी की नजर न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई है।

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