रफ्तार का कहर: दीवार से टकराई अनियंत्रित बाइक, दो दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत

रामगढ़।जब रफ्तार और बदकिस्मती का मेल होता है, तो पीछे सिर्फ मातम रह जाता है। झारखण्ड के रामगढ़ जिले के बासल थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात एक ऐसा ही दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने दो हंसते-खेलते परिवारों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए। जिंदल गेट के पास हुए इस हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

​जानकारी के मुताबिक, सौंदा डी गांव के रहने वाले दो दोस्त—राहुल कुमार (31 वर्ष, पिता: सिजरू गोप) और अभिषेक शर्मा (29 वर्ष, पिता ओमकार शर्मा) अपनी मोटरसाइकिल से लबगा से भुरकुंडा की ओर लौट रहे थे।रात का सन्नाटा था और रफ्तार शायद उम्मीद से ज्यादा। इसी बीच जिंदल गेट के समीप बाइक पर से नियंत्रण खो गया। अनियंत्रित बाइक सीधे सड़क किनारे एक दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों युवक हवा में उछलते हुए काफी दूर जा गिरे। चोटें इतनी गंभीर थीं कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

​चीख-पुकार और हादसे की खबर मिलते ही बासल थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई और मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

 

स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना मंगलवार 2 जून 2026 देर रात तकरीबन साढ़े 11 बजे की है। बताया जाता है कि अन्य 7-8 मित्रों के साथ राहुल और अभिषेक पतरातू के किसी होटल में जन्मदिन मना कर वापस लौट रहे थे। तभी राहुल की बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। चूंकि यह बाइक तेज चल रही थी, इसलिए पीछे चल रहे युवकों को लगा कि दोनों घर के रास्ते में आगे बढ़ गए हैं। बुधवार 03 जून 26 की सुबह दोनों युवकों का शव फोरलेन से नीचे एक दीवार के पास मिली। जिससे अंदाजा लगाया गया कि फोरलेन से अनियंत्रित होकर बाइक दीवार से टकरा गई, जिससे दोनों की मौत हो गई। इस घटना की खबर से सौंदा डी इलाके में मातम पसर गया। सूत्रों के अनुसार जन्मदिन अभिषेक उर्फ संदीप की थी, जिसे सभी दोस्त साथ मना कर लौट रहे थे

थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की प्राथमिकी  दर्ज कर ली गई है। पुलिस दुर्घटना के सही कारणों की जांच कर रही है कि हादसा सिर्फ अनियंत्रित होने की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई और वाहन था।

​इस खौफनाक हादसे की खबर जैसे ही सौंदा डी गांव पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। 29 और 31 साल के दो जवानों की यूं अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि रात के सफर में सावधानी और रफ्तार पर काबू कितना जरूरी है। सफर में चंद मिनटों की जल्दबाजी जिंदगी का सफर ही खत्म कर देती है।

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