धनबाद:अंगारपथरा में कोयला तस्करों का आतंक, राकोमयु नेता पर फायरिंग; पथराव में बेटा घायल
धनबाद (सिजुआ): जिले के अंगारपथरा इलाके में अवैध कोयला तस्करी को लेकर वर्चस्व और दबंगई का एक बड़ा मामला सामने आया है। गुरुवार की रात कोयला तस्करों ने राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन (राकोमयु) के स्थानीय नेता जुबैर आलम को निशाना बनाते हुए कथित तौर पर फायरिंग की। इस हमले में जुबैर आलम बाल-बाल बच गए, लेकिन तस्करों द्वारा किए गए भारी पथराव में उनका बेटा सलमान घायल हो गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, घटना अंगारपथरा ओपी क्षेत्र के अंतर्गत मां अंबे आउटसोर्सिंग बंद कार्यालय के पीछे स्थित जुबैर आलम के बीसीसीएल (BCCL) आवास पर घटी। बताया जा रहा है कि कुछ कोयला तस्कर जुबैर के आवास की बाउंड्री वॉल तोड़ने की कोशिश कर रहे थे।जब जुबैर के परिजनों ने इसका विरोध किया, तो तस्कर गाली-गलौज पर उतर आए। हंगामा सुनकर जैसे ही यूनियन नेता जुबैर आलम बाहर पहुंचे, आक्रोशित तस्करों ने उन पर सीधे गोली चला दी। निशाना चूक जाने के कारण जुबैर की जान बच गई। इसके बाद जान बचाने के लिए पूरा परिवार घर के अंदर छिप गया।
पीड़ित परिवार के अंदर भागने के बाद भी हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने घर को निशाना बनाकर बाहर से भारी पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में जुबैर का पुत्र सलमान ईंट लगने से घायल हो गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के स्थानीय लोग जुटने लगे, तो हमलावर मौके से फरार हो गए।
पीड़ित जुबैर आलम का बयान:“मेरे घर के पीछे कुछ लोग पहले से ही अवैध कोयला तस्करी का धंधा कर रहे हैं। गुरुवार रात वही लोग मेरी बाउंड्री वॉल तोड़ने पहुंचे थे। विरोध करने पर उन्होंने मुझे जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। मैं तो बच गया, लेकिन पत्थरबाजी में मेरा बेटा घायल हो गया है।”
इस संवेदनशील मामले पर जब अंगारपथरा ओपी प्रभारी प्रवीण कुमार से बात की गई, तो उन्होंने गोली चलने की बात से साफ इनकार किया।ओपी प्रभारी ने बताया कि आगामी त्योहार (बकरीद) को देखते हुए पुलिस इलाके में पहले से ही अलर्ट मोड पर थी और घटना के समय भी गश्ती वाहन पेट्रोलिंग पर था।पुलिस के अनुसार,देर रात तक भुक्तभोगी परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, पुलिस टीम मौके पर कैंप कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान में जुटी है।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो इस घटना के तार अवैध कोयला तस्करी के एक बहुत बड़े और संगठित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इस दुस्साहसिक हमले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में सक्रिय कोयला तस्करों को चिन्हित कर उन पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।

