खुलासा:असम की बेबस गर्भवती युवती का शिकार, मददगार के मुखौटे में छिपा था ‘हैवान’….इनसाइड स्टोरी..
धनबाद।झारखण्ड के धनबाद से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को फिर शर्मसार कर दिया है। भुईंफोड़ इलाके की एक नामचीन आवासीय सोसाइटी में एक बेबस, आदिवासी गर्भवती युवती के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी राजू कुमार साव को सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन इस घटना के पीछे की कहानी किसी खौफनाक फिल्म से कम नहीं है।
मदद का झांसा… और फिर बिछाया जाल
पीड़िता असम की रहने वाली है, जो बचपन से संघर्ष कर, मजदूरी और पढ़ाई कर अपना जीवन बसर कर रही थी। ट्रेन में सामान चोरी हो जाने के बाद वह धनबाद रेलवे स्टेशन पर असहाय स्थिति में फंसी हुई थी।इसी बेबसी का फायदा उठाने पहुँचा आरोपी राजू कुमार साव। उसने युवती को आर्थिक मदद देने, जरूरी कागजात बनवाने और काम दिलाने का झूठा दिलासा दिया। भरोसा जीतकर वह रविवार शाम करीब 4 बजे उसे भुईंफोड़ स्थित एक फ्लैट में ले गया।
आरोपी
गर्भावस्था की दुहाई भी नहीं पिघला सकी दिल
पीड़िता की जुबानी, खौफ की कहानी-“फ्लैट में जब कोई महिला नहीं दिखी, तो मुझे अनहोनी का शक हुआ। मैं भागने लगी, लेकिन उसने मुझे दबोच लिया। मैंने रोते हुए अपनी गर्भावस्था की दुहाई दी, पैर पकड़े… पर उस हैवान पर कोई असर नहीं हुआ। विरोध करने पर उसने मुझे बेरहमी से पीटा और जान से मारने की धमकी देकर अपनी हवस का शिकार बनाया।” क्रूरता की हदें पार करने के बाद, जैसे ही आरोपी बाथरूम की तरफ गया, पीड़िता ने गजब का साहस दिखाया। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर फ्लैट से नीचे भागी और नीचे खड़े लोगों को अपने साथ हुई दरिंदगी की दास्तान सुनाई।
सोसाइटी में हंगामा, आरोपी को दबोचा
युवती की आपबीती सुनते ही सोसाइटी परिसर में हड़कंप मच गया। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी राजू साव को मौके पर ही घेरकर दबोच लिया और तुरंत पुलिस को इत्तिला दी।सरायढेला पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपी को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस फिलहाल पीड़िता का मेडिकल करवाया गया।
पुलिसिया तफ्तीश में इस मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले और संदिग्ध पहलू सामने आए हैं:
आरोपी राजू कुमार साव: यह पहले स्टेशन रोड पर एक होटल चलाता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, होटल संचालन के दौरान भी इसकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर मामला थाने तक पहुँच चुका है।
फ्लैट का लीजधारी (अक्षत अग्रवाल): जिस फ्लैट में इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया गया, वह अक्षत अग्रवाल के नाम पर लीज पर है। अक्षत का इतिहास भी दागदार रहा है; उसे पहले तेलंगाना पुलिस ‘बेटिंग ऐप’ के जरिए करोड़ों की ठगी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, इस मामले में शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने अक्षत को छोड़ दिया है, लेकिन फ्लैट की संलिप्तता पर जांच जारी है।वहीं पीड़िता के परिजनों को सूचना दे दी गई है।परिजन धनबाद पहुंचने के बाद सौंप दिया जायगा।
बड़ा सवाल?;एक बेसहारा बाहरी राज्य की लड़की, जो पहले से ही जिंदगी से जंग लड़ रही थी और गर्भवती थी, उसे धनबाद स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान से बहला-फुसलाकर एक पॉश सोसाइटी के फ्लैट तक ले जाया गया और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस प्रशासन अब मामले के हर तकनीकी और जमीनी पहलू को खंगालने में जुटा है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
