Ranchi:फर्जी बैंक गारंटी पर अस्पताल संचालन,पीएनबी ने गारंटी से किया इनकार, तिगरा अस्पताल मामले में टीआरवाई संस्था के सचिव पर केस दर्ज..
राँची। झारखण्ड में आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। राँची के रातु स्थित ग्रामीण कल्याण अस्पताल, तिगरा के संचालन में गंभीर अनियमितता उजागर हुई है, जहां कथित तौर पर फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर संस्था को संचालन सौंप दिया गया। इस मामले में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी वर्षा आईन्द के आवेदन पर रातु थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत संस्था टीआरवाई,राँची के सचिव उत्पल दत्त समेत संबंधित संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दरअसल, अस्पताल संचालन के लिए वर्ष 2020 में संस्था द्वारा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में करीब 19.57 लाख रुपये की दो बैंक गारंटियां जमा की गई थीं। हाल ही में जब इनकी जांच कराई गई तो पंजाब नेशनल बैंक, पाटलिपुत्रा कॉलोनी, पटना ने साफ कर दिया कि ऐसी कोई बैंक गारंटी उनकी शाखा से जारी ही नहीं हुई है। बैंक के इस जवाब ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया और प्रशासन हरकत में आ गया।
यह मामला केवल कागजी अनियमितता तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इससे आदिवासी इलाकों में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिस अस्पताल पर स्थानीय लोगों की निर्भरता है, उसके संचालन में इस तरह की कथित धोखाधड़ी सामने आना चिंता का विषय है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी बैंक गारंटी तैयार करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इस तरह की गड़बड़ी अन्य परियोजनाओं में भी हुई है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर भी पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।
