पलामू में एक साल पुरानी रंजिश का खूनी अंत: ताश खेल रहे युवक की बलुआ से काटकर हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पलामू।झारखण्ड के पलामू जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित मधुबन गांव में सोमवार को हुई प्रभुनाथ रजवार की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज कुछ घंटों में सुलझा ली है। पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी उमेश सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा करीब एक साल पहले लिखी जा चुकी थी। दुर्गा पूजा के दौरान हुए मामूली विवाद ने समय के साथ ऐसी दुश्मनी का रूप ले लिया कि आखिरकार उसकी परिणति हत्या में हुई।
दुर्गा पूजा का विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के मुताबिक वर्ष 2025 में दुर्गा पूजा के दौरान प्रभुनाथ रजवार और उमेश सिंह के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय मामला तो शांत हो गया, लेकिन उमेश सिंह इस विवाद को भूल नहीं सका। उसने मन में बदले की भावना पाल ली और मौके की तलाश में था।सोमवार को प्रभुनाथ रजवार गांव के कुछ लोगों के साथ बैठकर ताश खेल रहे थे। इसी दौरान उमेश सिंह वहां पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के धारदार बलुआ से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल प्रभुनाथ को ग्रामीणों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और आरोपी मौके से फरार हो गया।
तकनीकी जांच से पुलिस ने दबोचा आरोपी
हत्या की सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस सक्रिय हो गई। छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार छापेमारी के आधार पर पुलिस ने फरार चल रहे उमेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बलुआ भी बरामद कर लिया है।
एसडीपीओ ने किया हत्याकांड का खुलासा
छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 की दुर्गा पूजा के दौरान दोनों के बीच हुए विवाद के कारण आरोपी ने बदले की भावना में इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी जांच और सटीक सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
छापेमारी में कई पुलिस अधिकारी रहे शामिल
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चलाए गए अभियान में पिपरा थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा सहित कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।

