Ranchi:महिला डॉक्टर के पति से मांगी 20 लाख की रंगदारी,नहीं देने पर जान मारने की धमकी,PLFI जोनल कमांडर के नाम से आया लाल पत्र, थाने में एफआईआर दर्ज..
राँची।राजधानी के नामकुम थाना क्षेत्र में एक महिला चिकित्सक और उनके व्यवसायी पति को उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के नाम पर जान से मारने की धमकी दी गई है। उग्रवादियों ने व्हाट्सएप पर लाल रंग से टाइप किया हुआ धमकी भरा पत्र भेजकर तीन दिनों के भीतर 20 लाख रुपए की लेवी (रंगदारी) मांगी है। पैसे नहीं देने पर परिवार के खिलाफ ‘फौजी कार्रवाई’ करने की चेतावनी दी गई है, जिससे पूरा डॉक्टर परिवार दहशत में है।
व्हाट्सएप पर आया ‘लाल पत्र’, कमांडर बनकर किया फोन
एनएसएफजी में कार्यरत महिला चिकित्सक डॉ. अम्बिका सिंह ने नामकुम थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया कि उनके पति संतोष कुमार, जो जोराड़ में आयुष वेलनेस सेंटर चलाते हैं, उनके मोबाइल पर 12 मई की शाम करीब 6:53 बजे एक धमकी भरा मैसेज आया. इस मैसेज में पीएलएफआई के नाम से 20 लाख रुपए की मांग की गई थी।अगले दिन 13 मई को दोबारा कॉल आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को पीएलएफआई का जोनल कमांडर राजेश यादव बताया।उसने धमकाते हुए कहा कि पुराना 15 लाख वाला मैटर भूल जाओ और 20 लाख रुपए का इंतजाम तीन दिन में करो, वरना अंजाम बुरा होगा।
जासूसी का दावा: ‘पता है तुम्हारी पत्नी अकेले जमशेदपुर जाती है’
अपराधियों ने डॉक्टर परिवार को यह एहसास कराने की कोशिश की कि वे उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।फोन करने वाले ने कहा कि उसे पूरे परिवार की जानकारी है और वह जानता है कि डॉ. अम्बिका प्रतिदिन अकेले जमशेदपुर आती-जाती हैं।इस धमकी के बाद से चिकित्सक परिवार किसी अनहोनी की आशंका से बुरी तरह डरा हुआ है।
पुराने विवाद से जुड़े तार, तीन के खिलाफ नामजद शिकायत
डॉ. अम्बिका ने इस पूरे प्रकरण के पीछे पुराने विवाद और कुछ परिचितों की संलिप्तता की आशंका जताई है।पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने अमित प्रसाद उर्फ बिट्टू (जोरार), ब्रजेश कुमार (कोकर) और सावन कुमार (कोकर) को नामजद किया है। शिकायत के अनुसार, अमित और ब्रजेश द्वारा पहले भी केस उठाने के लिए दबाव डाला जा रहा था और अब वे राजेश यादव के माध्यम से रंगदारी मांग रहे हैं।पुलिस ने डॉ. अम्बिका और उनके मुंहबोले भाई नीरज सोनी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अपराधियों का ‘फौजी’ दुस्साहस: धमकी के पीछे रची गई गहरी साजिश
इस मामले में अपराधियों ने जिस तरह ‘फौजी कार्रवाई’ शब्द का इस्तेमाल किया है, वह पीएलएफआई के पुराने डराने के तरीके को दर्शाता है।डॉक्टर अम्बिका सिंह द्वारा दिए गए साक्ष्यों के अनुसार, ब्रजेश कुमार ने राजेश यादव का नाम लेकर दहशत फैलाने की कोशिश की और कॉल रिकॉर्डिंग में भी इसके सबूत होने का दावा किया गया है।पुलिस अब उस मोबाइल नंबर (+639677181306) को ट्रेस कर रही है, जिससे व्हाट्सएप कॉल और मैसेज किए गए थे।
रंगदारी की रकम में अचानक 5 लाख का इजाफा
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पहले 15 लाख रुपए की बात की थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया।अपराधी बार-बार तीन दिन की समय सीमा (डेडलाइन) का जिक्र कर रहे हैं ताकि पीड़ित परिवार दबाव में आकर समझौता कर ले।

