Ranchi:एसबीआई पेंशनर कार्ड के नाम पर साइबर ठगों ने 3.95 लाख उड़ाए…डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम 1.59 लाख की ठगी…
राँची।एसबीआई पेंशनर कार्ड के नाम पर बड़ी ठगी को साइबर ठगों ने अंजाम दिया है।साइबर क्राइम थाना में इस मामले में नामकुम निवासी लैली जैकब ने प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बताया गया है कि पीड़ित के सेविंग और ओवरड्राफ्ट खातों से कुल 3,95,000 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई।पीड़ित ने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप पर “एसबीआई पेंशनर्श कार्ड” से जुड़ा एक संदेश मिला, जिसमें आवेदन करने का लिंक दिया गया था।उन्होंने अपने मोबाइल से उस प्रक्रिया को पूरा करने की कोशिश की। कुछ देर बाद मोबाइल नंबर 8282049588 से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को संबंधित प्रक्रिया से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए जानकारी ली।
इसके बाद उनके खाते से 40,000 रुपये की पहली संदिग्ध निकासी का मैसेज मिला, जो आकाश कुमार पासवान नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुआ।इस पर पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क कर इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और यूपीआई सेवाएं ब्लॉक करा दींमइसके बावजूद ठगों ने बैंक अवकाश के दौरान फिर से खाते तक पहुंच बना ली और इंटरनेट बैंकिंग रीसेट कर कई ट्रांजेक्शन कर डाले।इसमें 1,70,000 रुपये (नेफ्ट), 1,50,000 रुपये और 35,000 रुपये की निकासी शामिल है। ये रकम राबिया मोहम्मद शबुद्दी नामक खाते में ट्रांसफर की गई।
साइबर ठगों ने डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम 1.59 लाख की ठगी
इधर, साइबर ठगों ने डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर एक व्यक्ति को शिकार बनाते हुए उसके बैंक खातों से 1.59 लाख रुपये उड़ा लिए। बजरा, इटकी रोड निवासी मनोज प्रसाद ने साइबर अपराध थाना राँची में प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया है कि वह नस से संबंधित समस्या के इलाज के लिए गूगल पर “डाक्टर नियर मी” सर्च कर रहे थे।इसी दौरान उन्हें हेल्थ प्वाइंट के नाम से डॉ. अनुप मोहन नायर का विवरण और एक मोबाइल नंबर मिला।जब उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का रिसेप्शनिस्ट बताया और अपॉइंटमेंट बुकिंग के नाम पर 5 रुपये टोकन अमाउंट गूगल पे के जरिए भेजने को कहा।पीड़ित के अनुसार, पहले नंबर पर भुगतान के दौरान यूपीई पर राकेश कुमार साव नाम दिखा. भुगतान असफल होने पर ठग ने दूसरा नंबर दिया, जिस पर प्रदीपसेन जोशी नाम प्रदर्शित हुआ।इसके बाद आरोपी ने एक एपीके लिंक भेजकर उसे डाउनलोड करने और परमिशन देने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने लिंक इंस्टॉल कर अनुमति दी, उसका मोबाइल फोन अचानक अनियंत्रित हो गया और कुछ ही मिनटों में बैंक खातों से पैसे कटने लगे।बाद में बैंक पहुंचने पर पता चला कि आईसीआईसीआई बैंक खाते से 30,000 रुपये तथा एसबीआई खाते से 95,000 और 34,000 रुपये की निकासी हो चुकी है। इस प्रकार कुल 1,59,000 रुपये की ठगी कर ली गई।

