मिशन 180 मिनट्स: बोकारो में दो सहेलियों के ‘सुसाइड रन’ से लेकर दरिंदों के लॉकअप तक की इनसाइड स्टोरी…
बोकारो। झारखण्ड के बोकारो जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सेक्टर-12 थाना क्षेत्र में दो नाबालिग हैवानों ने न सिर्फ मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया, बल्कि उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का वो गंदा खेल खेला कि दो जिंदगियां मौत के मुहाने पर पहुंच गईं।मंगलवार की सुबह बोकारो के जयपाल नगर में आम दिनों जैसी ही थी, लेकिन दोपहर होते-होते दो घरों में चीख-पुकार मच गई। दो नाबालिग सहेलियां अचानक बिना बताए घर से गायब हो गईं। परिजन बदहवास होकर गलियों, चौराहों और रिश्तेदारों के यहां खाक छान रहे थे। उनके जेहन में सिर्फ एक ही डर था कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।हालांकि परिजनों ने दोनों किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया गया।उसके बाद दोनों किशोरी ने घर से भागने का जो कारण बताया परिजन के पैरों तले जमीन खिसक गई।
झांसा देकर ऑटो में बिठाया, फिर सुनसान जगह पर किया ‘गंदा काम’
बताया जाता है कि शनिवार के दिन जयपाल नगर की दो सहेलियां दुकान जाने के लिए घर से निकली थीं। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में दो शिकारी घात लगाए बैठे हैं। दो नाबालिग किशोरों ने ‘मदद’ का मुखौटा ओढ़ा और लड़कियों को दुकान छोड़ने के बहाने एक ऑटो में बैठा लिया। जब ऑटो रास्ते से भटकने लगा, तो लड़कियां चीखीं-चिल्लाने लगीं। दरिंदों ने ‘मेडिकल दुकान’ जाने का बहाना बनाकर उन्हें शांत कराया।फिर सुनसान इलाके में ले जाकर एक दरिंदे ने नाबालिग के साथ सामूहिक अस्मत को तार-तार किया, जबकि दूसरा हैवान इंसानियत को भूलकर इस खौफनाक वारदात का वीडियो बनाता रहा।
वीडियो की धमकी और ब्लैकमेलिंग का वो खौफनाक टॉर्चर
लोक-लाज के डर से सहमी पीड़िता ने यह कड़वा घूंट पी लिया और किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन हैवानों की भूख यहीं शांत नहीं हुई। उस ‘काले वीडियो’ के दम पर उन्होंने मासूमों को इस कदर ब्लैकमेल और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू किया कि दोनों सहेलियों का जीना मुहाल हो गया। इस खौफनाक टॉर्चर से तंग आकर मंगलवार को दोनों सहेलियां एक साथ आत्महत्या करने के इरादे से घर छोड़कर निकल गईं।
ऐन वक्त पर बची जान
घरवाले खुशकिस्मत थे कि वक्त रहते उन्होंने अपनी बेटियों को ढूंढ निकाला। घर लौटते ही दोनों मासूम फफक-फफक कर रो पड़ीं और जब उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।
महज 3 घंटे में शिकारी ‘लापत्ता से लॉकअप’ तक
जैसे ही इस खौफनाक वारदात की भनक सिटी डीएसपी राजीव रंजन को लगी, उन्होंने तुरंत सेक्टर-12 इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र सिंह को अलर्ट किया। पुलिस का ऐसा चक्रव्यूह रचा गया कि महज 3 घंटे के भीतर दोनों नाबालिग आरोपियों को दबोच कर हिरासत में ले लिया गया।डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़ितों का बयान न्यायालय में कलमबद्ध कराया जाएगा। किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।फिलहाल दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख दिया है कि आखिर नाबालिगों के जेहन में इतनी दरिंदगी और शातिरपना कहां से आ रहा है?

