भूमि विवाद पर बवाल: बंदोबस्त अधिकारी को कार्यालय से उठाकर कमिश्नर दफ्तर ले पहुंचे ग्रामीण…

 

दुमका। संथाल परगना बंदोबस्त कार्यालय में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब गोड्डा जिले के तेतरिया गांव से आए ग्रामीणों ने भूमि विवाद के एक मामले में नाराज होकर सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार को उनके कार्यालय से बाहर निकाल लिया और उन्हें प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक ले गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में अधिकारी ने एक पक्ष के पक्ष में फैसला सुनाया है, जबकि दूसरे पक्ष के दावों और दस्तावेजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी बात को लेकर बड़ी संख्या में पहुंचे लोग आक्रोशित हो उठे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुकरी देवी के नेतृत्व में आए लोगों ने पहले बंदोबस्त कार्यालय में विरोध जताया और बाद में मनोज कुमार को अपने साथ लेकर लगभग 300 मीटर दूर स्थित आयुक्त कार्यालय पहुंच गए। वहां आयुक्त की अनुपस्थिति में उनके सचिव के समक्ष पूरे मामले की शिकायत रखी गई।

स्थिति को गंभीर देखते हुए आयुक्त कार्यालय के सचिव ने दोनों पक्षों की बात सुनी और लोगों को शांत रहने की सलाह दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जानकारी प्रमंडलीय आयुक्त को दी जाएगी और निष्पक्ष तरीके से सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही सचिव ने सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी से विवाद से संबंधित सभी दस्तावेज, अभिलेख और आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। शिकायतकर्ता पक्ष को भी आयुक्त के नाम लिखित आवेदन देने को कहा गया।

क्या है पूरा मामला?
गोड्डा जिले के तेतरिया गांव में उदय कृष्ण सिंह और सुकरी देवी के बीच जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। मामला बंदोबस्त कार्यालय तक पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद दिए गए निर्णय को लेकर एक पक्ष ने असहमति जताई। उनका आरोप है कि सुनवाई के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती गई।हालांकि, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी मनोज कुमार ने फैसले की प्रकृति पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की। घटना के बाद वे काफी व्यथित दिखाई दिए, लेकिन उन्होंने कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया।

घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया। नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुकरी देवी, उनकी बेटी डोली कुमारी समेत तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, महिलाएं आयुक्त के नाम आवेदन तैयार कराने के लिए कोर्ट परिसर के पास जा रही थीं, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया।
नगर थाना प्रभारी अशोक राम ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और अधिकारी के साथ हुए व्यवहार को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी की ओर से प्राप्त आवेदन के आधार पर की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भी भेजा जा सकता है।

प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी पक्ष को फैसले पर आपत्ति है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील कर सकता है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और निष्पक्ष समाधान का भरोसा दिया गया है।

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