राँची की शराब फैक्ट्री में आधी रात छापा: फर्जी ब्रांड का खेल बेनकाब,राजद नेता और बिहार के पूर्व एमएलसी समेत तीन जेल

 

राँची।राजधानी राँची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर्स प्राइवेट लिमिटेड में मंगलवार देर रात उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध शराब कारोबार का पर्दाफाश किया। करीब आठ घंटे चली छापेमारी में राजद नेता और बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध राय, उनके चालक देवेंद्र भगत और कर्मचारी रविकांत राय को गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार देर रात तीनों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया।

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में तैयार शराब पर दूसरे राज्यों के नामी ब्रांडों के फर्जी लेबल चिपकाकर उसे बाजार में कम कीमत पर खपाने की तैयारी थी। छापेमारी के दौरान 8 पीएम, आफ्टर डार्क और अन्य ब्रांडों की बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिन पर “For Sale in Uttar Pradesh” और “For Sale in Delhi” जैसे लेबल लगे थे।

छापेमारी में क्या मिला?

किंगफिशर स्ट्रॉन्ग प्रीमियम बीयर – 70 पेटी
आफ्टर डार्क ब्लू – 218 पेटी
8 पीएम – 7 पेटी
रॉयल्सन गोल्ड व्हिस्की – 78 पेटी

प्रारंभिक जांच में आरोप है कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए विदेशी शराब का गलत स्टॉक रखा गया, फर्जी दस्तावेजों के जरिए परिवहन किया गया और दूसरे राज्यों में अवैध सप्लाई की जा रही थी। इससे राज्य सरकार को राजस्व का बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

सबसे बड़ा सवाल विभाग पर

इस पूरे मामले ने उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक हर शराब फैक्ट्री में विभाग का बॉन्ड अफसर तैनात रहता है, जिसकी निगरानी में उत्पादन और स्टॉक का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके बावजूद यदि फैक्ट्री में फर्जी लेबल लगाकर शराब तैयार और बाहर भेजी जा रही थी, तो यह निगरानी व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

गौरतलब है कि इसी फैक्ट्री पर दो वर्ष पहले भी उत्पाद विभाग ने छापेमारी कर इसे सील किया था। अब एक बार फिर हुई कार्रवाई ने अवैध शराब नेटवर्क और विभागीय निगरानी दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मामले की जांच जारी है और आगे कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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