झारखण्ड प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल: प्रखंडों और अंचलों में अधिकारियों के ‘युक्तिसंगत’ पदस्थापन को मंजूरी, संकल्प जारी

राँची।झारखण्ड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने प्रखंडों और अंचलों में पदस्थापित झारखण्ड प्रशासनिक सेवा (झाप्रसे) के मूल कोटि के पदाधिकारियों के युक्तिसंगत (Rational) पदस्थापन को लेकर एक महत्वपूर्ण संकल्प जारी किया है।मुख्यमंत्री की नीतिगत सहमति के बाद मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिसके बाद अब इसे झारखण्ड राजपत्र (गजट) के असाधारण अंक में प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है।
Sankalp- 4500 dt- 13-07-2026 -BDO-CO
क्यों पड़ी इस नए बदलाव की जरूरत?
सरकारी संकल्प के अनुसार, अब तक की व्यवस्था में कई प्रशासनिक विसंगतियां थीं जिन्हें दूर करने के लिए यह निर्णय लिया गया है:
वरीयता और वेतनमान की विसंगति: झाप्रसे के मूल कोटि के पदाधिकारियों को प्रोन्नति (प्रमोशन) मिलने के बाद भी प्रशासनिक कारणों से उनके मूल पद को ही उत्क्रमित (upgrade) कर वहीं बनाए रखा जा रहा था। इससे अधिकारियों को अपने वेतनमान और कोटि से छोटे पदों पर काम करना पड़ रहा था, जिससे उनकी कार्यक्षमता का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था।
अनुभव का नुकसान: सही पदस्थापन न होने से राज्य सरकार को इन अनुभवी अधिकारियों की कार्यकुशलता का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।पदों का खाली होना: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और उसके समकक्ष पदों (जैसे- भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी आदि) पर अपर समाहर्त्ता कोटि के अधिकारी पदस्थापित थे। अब उन्हें उनके समकक्ष पदों पर भेजे जाने से SDO स्तर के पद खाली होंगे, जिससे इन अधिकारियों को सही जगह तैनात किया जा सकेगा।
आंकड़ों में समझिए झारखण्ड का प्रशासनिक ढांचा
प्रशासनिक इकाइयों और रिक्तियों को सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने पूरा डेटा साझा किया है:
कुल प्रशासनिक इकाइयां: झारखण्ड में कुल 271 प्रशासनिक इकाइयां हैं, जिनमें 264 प्रखंड और 268 अंचल चिन्हित हैं।
वर्तमान स्थिति: 271 इकाइयों में से वर्तमान में कुल 261 इकाइयों में अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद चिन्हित हैं।
एकल पद: राज्य के 7 अंचल और 3 प्रखंड वर्तमान में ‘एकल पद’ के रूप में अधिसूचित हैं।
कार्यरत बल: फिलहाल प्रखंड और अंचलों में झाप्रसे के मूल कोटि के 257 पदाधिकारी और राजस्व सेवा के 67 पदाधिकारी (कुल 324) सेवाएं दे रहे हैं।
क्या है पदस्थापन का नया ‘फॉर्मूला’?
सरकार ने पदों को युक्तिसंगत बनाने के लिए 12 या उससे कम पंचायत वाले क्षेत्रों को आधार बनाया है:
डबल पदस्थापन: राज्य की 164 प्रशासनिक इकाइयों में दो पदाधिकारियों (यानी BDO और CO दोनों) की तैनाती की जाएगी।
एकल CO पदस्थापन: कुल 53 प्रशासनिक इकाइयों में केवल अंचल अधिकारी (CO) का एकल पदस्थापन होगा।
एकल BDO पदस्थापन: कुल 54 प्रशासनिक इकाइयों में केवल प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) का एकल पदस्थापन किया जाएगा।
यह नई व्यवस्था तब तक प्रभावी रहेगी जब तक विभाग के पास मूल कोटि के अधिकारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो जाती।
तीन परिशिष्टों (Appendices) में जारी हुआ पूरा खाका
नए आदेश को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने इसे तीन सूचियों (परिशिष्ट) में विभाजित किया है:
परिशिष्ट- I (BDO और CO दोनों पद): इसके अंतर्गत कुल 164 प्रखंड/अंचल शामिल हैं। इसमें राँची जिले के कांके, नामकुम, रातू; खूंटी का तोरपा; धनबाद का गोविंदपुर और बोकारो का चास आदि प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं.
परिशिष्ट- II (केवल CO का एकल पद): इसके तहत कुल 53 अंचलों को चिन्हित किया गया है। इसमें मुख्य रूप से राँची शहर, अरगोड़ा, बड़गाई, हेहल, बुंडू; लोहरदगा सदर; धनबाद और झरिया जैसे अंचल शामिल हैं
परिशिष्ट- III (केवल BDO का एकल पद): इसके तहत कुल 54 प्रखंडों को चिन्हित किया गया है। इनमें गुमला का चैनपुर, पलामू का हरिहरगंज, मनातू; सिमडेगा का कुरडेग और लातेहार का हेरहंज आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं.

