जमशेदपुर:गोलीबारी और चापड़बाजी में घायल सन्नी पुष्टि की इलाज के दौरान 10वें दिन मौत,परिजनों का हंगामा….
जमशेदपुर। झारखण्ड के जमशेदपुर स्थित भुइयांडीह छायानगर में गोली और चापड़ से घायल जगन्नाथ पुष्टि उर्फ सन्नी पुष्टि की गुरुवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई। सन्नी पिछले कई दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजन और बस्ती के लोग अस्पताल पहुंच गए।सन्नी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने टीएमएच परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
घटना की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।उन्होंने परिजनों को समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मामला नियंत्रित किया जा सका। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के अनुसार सन्नी पुष्टि ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था।उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, ऐसे में अब परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है।परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार टीएमएच में सन्नी के इलाज का बिल करीब 1.09 लाख रुपये हो गया है।परिवार इस रकम को चुकाने में असमर्थ है।परिजनों ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से बिल माफ करने की मांग की है।उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम देना उनके बस की बात नहीं है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने स्थानीय विधायक पूर्णिमा साहू से मुलाकात की।विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीएमएच प्रबंधन से बातचीत की। उनके प्रयास से शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस मामले में नामजद आरोपी अभिषेक सिंह ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।सूचना मिलने पर पुलिस भी कोर्ट पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी अपने वकील के साथ अदालत में प्रवेश कर चुका था।कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
दरअसल, 31 मार्च को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह छायानगर में सन्नी पुष्टि और उसके साथी नंदू लोहार पर कुछ युवकों ने गोली और चापड़ से हमला किया था। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के बाद नंदू लोहार को छुट्टी मिल गई थी, जबकि सन्नी का इलाज जारी था।
इस मामले में नंदू लोहार के बयान पर कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही करण वर्मा, निर्भय सिंह उर्फ छोटका, कुणाल मुंडा उर्फ छिल्ला और मुन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।उनके पास से एक देशी कट्टा और तीन चापड़ भी बरामद किए गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सन्नी पुष्टि की मौत के बाद इस केस की गंभीरता और बढ़ गई है।प्रशासन पर अब तेजी से कार्रवाई करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

