#झारखण्ड राज्य के 2500 सहायक पुलिसकर्मियों का आंदोलन:मांगे तो पूरी नहीं हुई,लूटपाट व जानलेवा हमला की प्राथमिकी हो गई दर्ज

— 18 सितंबर को मोरहाबादी में आंदोलन के दौरान पुलिस व सहायक पुलिस में हुई थी झड़प, सहायक पुलिसकर्मियों पर हुई थी लाठीचार्ज, कई हुए थे घायल


— पुलिस पर जानलेवा हमला करने, लूटपाट, उत्पात मचाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने व कोरोना संक्रमण रोकने के लिए निषेधाज्ञा का अवहेलना का मामला हुआ है दर्ज,

राँची।राज्य के 2500 सहायक पुलिसकर्मी जिन्होंने वर्ष 2017 से राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किए, वे आज अपनी सेवा स्थायी करने व मानदेय बढ़ाने के लिए विगत 12 सितंबर से आंदोलनरत है। मोरहाबादी मैदान में चल रहे इनके आंदोलन के दौरान पुलिस ने इन सहायक पुलिसकर्मियों पर दो बार प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। पहली बार तो इन सहायक पुलिसकर्मियों पर महामारी अधिनियम के तहत भीड़ भाड़ लगाने का मामला दर्ज हुआ। लेकिन दूसरी बार 18 सितंबर को जब पुलिस व सहायक पुलिस कर्मियों के बीच झड़प हुई तो इनपर रांची पुलिस ने उत्पात मचाने के साथ साथ आसपास की दुकानों में लूट पाट व जानलेवा हमला का मामला दर्ज कर दिया है। सहायक पुलिसकर्मियों पर दर्ज प्राथमिकी में यह भी आरोप है वे कह रहे थे कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो शहर में घुसकर तोड़ फोड़ व आगजनी करेगे। 18 सितंबर को हुई घटना के बाद लालपुर थाना में 31 सहायक पुलिसकर्मियों पर नामजद व 1000 अन्य पर प्राथमिकी अंचलाधिकारी सदर रांची प्रकाश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 18 सितंबर को दिन के 3 बजे मोरहाबादी मैदान के पास स्थित हॉकी स्टेडियम व चिल्ड्रन पार्क के बीच बैरिकेडिंग के पास पुलिस के अधिकारी व जवान तैनात थे। 3.30 बजे अचानक मोरहाबादी मैदान में नारेबाजी करते हुए झुंड बनाकर सभी सहायक पुलिसकर्मी आगे बढ़ने लगे। सड़क को सहायक पुलिस कर्मियों ने अवरुद्ध कर दिया। जिससे आवागमन बाधित हो गया। आम राहगीरों को काफी परेशानी होने लगी। देखा गया कि सहायक पुलिस आसपास की दुकानों में लूटपाट व तोड़ फोड़ करते हुए उत्पात मचा रहे है। इस सूचना पर सिटी एसपी भी वहां पहुंच गए। सभी को पुलिस अधिकारियों ने आगे बढ़ने से मना किया। लेकिन सहायक पुलिसकर्मियों ने पुलिस अधिकारियों की बात नहीं मानी। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को उलट दिया गया। सभी मुख्यमंत्री आवास व राजभवन घेराव की बात कहते हुए नारेबाजी करते आगे बढ़ते रहे।

पुलिस अधिकारियों व जवानों पर जानलेवा हमला कर जख्मी करने का आरोप

इस घटना में सहायक पुलिसकर्मियों पर यह भी आरोप है कि इन लोगो ने जान बूझकर जानलेवा हमला किया गया। इसमें सिटी एसपी सौरभ, सिटी डीएसपी अमित कुमार, डीएसपी कोतवाली अजीत कुमार विमल, लालपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार, परिचारी शशि उरांव, आरक्षी आईजेक हेब्रम, आरक्षी पंकज कुमार सिंह, आरक्षी अनिल लकड़ा, आरक्षी तुलसी महतो और आरक्षी अजय कुमार मंडल जख्मी हो गए।

इनपर दर्ज किया गया नामजद प्राथमिकी

विवेकानंद प्रसाद गुप्ता (पलामू), गजेंद्र यादव (पलामू), शीतल प्रजापति (पलामू), पूनम कुमारी (पलामू), कविता कुमारी (पलामू), अविनाश कुमार द्विवेदी (गढ़वा), विमलेश कुमार (गढ़वा), परेश कुमार (गढ़वा), चंपा कुमारी (गढ़वा), हेमंत कुमार चौधरी (गढ़वा), उपेंद्र पासवान (गढ़वा), सुधीर पासवान (लातेहार), अमित तिवारी (लातेहार), पारसनाथ सिंह (लातेहार), संजीव कुमार (लातेहार), अजय कुमार मंडल (गिरिडीह), अजय कुमार (गिरीडीह), उमेश मुंडारी (चाइबासा), धर्मेंद्र प्रधान (चाइबासा), अखिलेश तिर्की (सिमडेगा), संजय लोहरा (खूंटी), चंदन कुमार (दुमका), ब्यूटी कुमारी (देवघर), अल्ताफ अंसारी (लोहरदगा), मंगलेश्वर उरांव (गुमला), हेमंत कुमार साहू (गुमला), सहदेव भगत (जमशेदपुर), परमानंद कुमार (चतरा), शोभा कुमारी (चतरा), केशव चंद्र यादव (चतरा) और सुमन कुमार (चतरा) शामिल है।