JPSC ‘सेटिंग सिंडिकेट’ पर CID का बड़ा वार! ससुर हिरासत में, दोनों साले फरार… विदेश भागने की आशंका से मचा हड़कंप

रराँची/गिरिडीह।झारखण्ड की बहुचर्चित जेपीएससी परीक्षा कथित सेटिंग और धांधली मामले में सीआईडी ने ऐसा दांव चला है, जिसने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है। गुरुवार को गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र स्थित हथबोर गांव में सीआईडी की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर आरोपी मनोज उर्फ अभय तिवारी की ससुराल को खंगाल डाला। कार्रवाई के दौरान उसके ससुर और सरकारी शिक्षक विकास पांडेय को हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ की गई। वहीं दूसरी ओर, जिन दो लोगों (साले) की तलाश में जांच एजेंसियां पहुंची थीं, वे पहले ही गायब मिलें। सूत्रों का दावा है कि दोनों के विदेश भाग जाने की आशंका जताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीआईडी और पुलिस की टीम अचानक हथबोर गांव पहुंची। देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने विकास पांडेय के घर को घेर लिया और कई घंटों तक घर के अंदर बंद कमरे में पूछताछ की। इसके बाद उन्हें अपने साथ ले जाया गया।हालांकि, सीआईडी या स्थानीय पुलिस ने अब तक हिरासत, पूछताछ या बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
CID के निशाने पर दोनों साले, समन के बाद हुए गायब
सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई का असली निशाना अभय तिवारी के दोनों साले थे। जांच एजेंसी ने उन्हें पहले ही पूछताछ के लिए समन भेजा था, लेकिन नोटिस मिलते ही दोनों कथित तौर पर अपने ठिकानों से गायब हो गए।जांच एजेंसियों को आशंका है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दोनों देश छोड़कर विदेश चले गए हो सकते हैं। अब उनके पासपोर्ट, यात्रा रिकॉर्ड और संभावित लोकेशन की जांच की जा रही है।
सिर्फ परीक्षा नहीं, अब करोड़ों की संपत्ति भी जांच के घेरे में
मामला अब केवल कथित परीक्षा धांधली तक सीमित नहीं रह गया है। सीआईडी और वित्तीय जांच एजेंसियां पूरे परिवार की आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।सूत्रों के अनुसार, गिरिडीह, देवघर सहित अन्य जिलों में मौजूद मकान, जमीन और व्यावसायिक संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि परिवार की संपत्ति उनकी ज्ञात आय के अनुरूप है या नहीं।अगर आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर मिलता है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
सरकारी नौकरियों में फैला परिवार, बढ़ीं मुश्किलें
बताया जा रहा है कि जांच के घेरे में आए परिवार के कई सदस्य अलग-अलग सरकारी पदों पर कार्यरत हैं।अभय तिवारी वर्तमान में दुमका जिले के पोरैयाहाट में मार्केटिंग ऑफिसर है।उसने जेपीएससी पीटी परीक्षा भी पास की है।उसकी पत्नी राँची में सहायक अनुभाग पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है।परिवार का एक अन्य सदस्य भी हाल ही में जेएसएससी परीक्षा के माध्यम से सरकारी सेवा में चयनित हुआ बताया जाता है।इसी वजह से इस पूरे मामले को लेकर सरकारी महकमे में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
‘सेटिंग’ के नाम पर करोड़ों की उगाही? जांच में जुटी एजेंसियां
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अभय तिवारी और उससे जुड़े कुछ लोगों पर जेपीएससी तथा जेएसएससी-सीजीएल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर कथित तौर पर चयन कराने का भरोसा दिलाने और अवैध वसूली करने का संदेह है।हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और पूछताछ व जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे झारखण्ड की नजर अब CID की अगली कार्रवाई पर
सीआईडी की इस कार्रवाई के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से लेकर सरकारी विभागों तक में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसी अगला कदम किसके खिलाफ उठाती है और क्या इस मामले में और बड़े नाम सामने आते हैं।

