दिल्ली में चला झारखण्ड पुलिस का ऑपरेशन, लापता नाबालिग सकुशल बरामद, मानव तस्करी की आरोपी महिला गिरफ्तार

चाईबासा।झारखण्ड के पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले से लापता एक किशोरी को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। इस अभियान के दौरान मानव तस्करी के एक पुराने मामले में फरार चल रही आरोपी महिला को भी गिरफ्तार किया गया। पूरे मामले की जानकारी एएसपी डॉ. सैय्यद मुस्तफा हाशमी ने प्रेस वार्ता में दी।
एएसपी ने बताया कि 10 जुलाई को नाबालिग की मां ने बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर संबंधित थाना में कांड संख्या 02/2026 दर्ज कर विशेष जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
जांच के दौरान मिले तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम 29 जुलाई को दिल्ली पहुंची। कई दिनों तक लगातार अभियान चलाने और छानबीन के बाद 3 अगस्त को नाबालिग किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे चाईबासा लाकर सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बालिका को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस पूरे मामले में मानव तस्करी के नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
2023 के मामले की फरार आरोपी भी चढ़ी पुलिस के हत्थे
दिल्ली में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली। वर्ष 2023 के मानव तस्करी के मामले में फरार चल रही एक महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ न्यायालय से कुर्की वारंट जारी था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ दिल्ली और देहरादून में मानव तस्करी, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।इस सफल अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक पुनीत उरांव, सुमन टुडू, दुबराज हेम्ब्रम, हरिश्चंद्र प्रसाद, महिला आरक्षी जसिंता मिंज, महांती कुंवर तथा आरक्षी चिंता बोदरा की सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रही।

