सूचना दो,इनाम पाओ: ड्रग्स माफिया के खिलाफ झारखण्ड सरकार की बड़ी घोषणा…

राँची।झारखण्ड सरकार ने नशे के कारोबारियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य में अफीम, गांजा, हेरोइन, ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए नई “पुरस्कार नीति-2026” लागू कर दी गई है। इस नीति के तहत ड्रग्स तस्करों की सटीक सूचना देने वाले मुखबिरों और कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों को लाखों रुपये का इनाम मिलेगा। इतना ही नहीं, यदि सूचना देने के कारण किसी मुखबिर पर हमला होता है या उसकी जान जाती है, तो सरकार 20 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी देगी।

ड्रग्स के खिलाफ जंग में जनता भी बनेगी भागीदार

गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी संकल्प के अनुसार राज्य सरकार अब नशे के अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिए आम लोगों को भी सीधे इस अभियान से जोड़ेगी। सरकार का मानना है कि नशे का बढ़ता कारोबार युवाओं के भविष्य, समाज की सुरक्षा और राज्य के विकास के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।

सूचना दी, तस्कर पकड़ा गया तो मिलेगा इनाम

नई नीति के तहत जिस मुखबिर की सूचना पर मादक पदार्थों की बरामदगी होगी, उसे निर्धारित पुरस्कार राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। शेष 50 प्रतिशत कार्रवाई करने वाली टीम और सरकारी कर्मियों को दिया जाएगा।

सरकार ने विभिन्न मादक पदार्थों के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि तय की है—

–कोकीन:2.40 लाख रुपये प्रति किलो
–हेरोइन/ब्राउन शुगर: 1.20 लाख प्रति किलो
–मोर्फीन बेस: 20 हजार प्रति किलो
–अफीम:6 हजार प्रति किलो
–हाशिष ऑयल:10 हजार प्रति किलो
–गांजा:600 प्रति किलो

मुखबिर की पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त

सरकार ने मुखबिरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम कहीं दर्ज नहीं होगा। उसकी पहचान कोड नंबर और अंगूठे के निशान के जरिए सुरक्षित रखी जाएगी। सभी दस्तावेज सीलबंद रखे जाएंगे और किसी भी तरह की जानकारी लीक होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

तस्करों ने हमला किया तो सरकार बनेगी सहारा

सूचना देने के बाद यदि किसी मुखबिर पर ड्रग्स माफिया हमला करते हैं, तो सरकार आर्थिक मदद देगी—

–मृत्यु पर आश्रितों को 20 लाख रुपये
–100% स्थायी दिव्यांगता पर 10 लाख
–40% या उससे अधिक दिव्यांगता पर 5 लाख
–गंभीर चोट पर 3 लाख
–सामान्य चोट पर 50 हजार

झूठी सूचना देने वालों पर भी होगी कार्रवाई

सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी को फंसाने या परेशान करने के उद्देश्य से झूठी सूचना देता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

क्लिक करें पूरी आदेश की जानकारी के लिए:Reward for information against Drug traffickers

 

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