फेसबुक पर ‘योनो एसबीआई’ का फर्जी लिंक और पेंशन कार्ड का झांसा, साइबर ठगों ने बुजुर्ग के खाते से उड़ाए 9.69 लाख, ऐसे हुआ पूरा फ्रॉड…
सावधान: सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनाने के नाम पर वॉट्सऐप पर भेजा ‘एपीके’ फाइल लिंक; मोबाइल हैक कर ली पूरी रकम
राँची।डिजिटल बैंकिंग और सोशल मीडिया के इस दौर में साइबर अपराधियों ने बुजुर्गों (सीनियर सिटीजन्स) को ठगने का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है।फेसबुक पर भारतीय स्टेट बैंक के योनो ऐप का फर्जी विज्ञापन और सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने राँची के लालपुर निवासी एक बुजुर्ग के खाते से कुल 9,69,000 रुपए की अवैध निकासी कर ली है।इस संबंध में पीड़ित आनंद प्रकाश लकड़ा (66 वर्ष, लालपुर पीस रोड वाई लेन) की लिखित शिकायत पर राँची के साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है। इस पूरे मामले का साइबर सुरक्षा के नजरिए से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि ठगों ने पीड़ित को जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया विज्ञापन, सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर और एसएमएस फॉरवर्डिंग जैसी हाई-टेक तकनीकों का एक साथ इस्तेमाल किया।
स्टेप-बाय-स्टेप समझें: कैसे जाल में फंसाया और खाली कर दिया खाता
साइबर थाने को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह पूरी ठगी मुख्य रूप से चार चरणों में अंजाम दी गई, जो किसी भी आम स्मार्टफोन यूजर के लिए एक बड़ा सबक है. पीड़ित ने फेसबुक पर ‘Yono SBI के माध्यम से सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड’ बनाने का एक लुभावना विज्ञापन देखा। उस विज्ञापन में दिए गए एक असुरक्षित लिंक पर क्लिक करके उन्होंने आवेदन कर दिया।आवेदन करने के अगले दिन ठगों ने मोबाइल नंबर 97499—89 से पीड़ित को फोन किया। खुद को बैंक या संबंधित विभाग का अधिकारी बताकर उन्होंने पीड़ित से उनके बैंक खाते और एटीएम से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं।
वॉट्सऐप पर एपीके फाइल से मोबाइल हैक
विश्वास जीतने के बाद ठगों ने एक अन्य मोबाइल नंबर 8660470348 से पीड़ित के वॉट्सऐप पर ‘SBI पेंशन कार्ड App File’ नाम से एक लिंक भेजा।जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक को खोला, उनके मोबाइल में एक अज्ञात और संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया। इस मैलवेयर फाइल के सक्रिय होते ही पीड़ित का पूरा मोबाइल और मोबाइल बैंकिंग सिस्टम हैक हो गया।मोबाइल हैक करने के बाद ठगों ने पीड़ित के फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘एसएमएस फॉरवर्डिंग’ एक्टिवेट कर दी।इसके तहत पीड़ित के फोन पर आने वाले बैंक के सभी गुप्त ओटीपी और मैसेज सीधे ठगों के मोबाइल नंबर (09749985189) पर फॉरवर्ड होने लगे। पीड़ित को भनक लगे बिना उनके खाते से ₹9,69,000 साफ कर दिए गए।

