लॉकडाउन नियम न मानने पर सरकार ने पूरे पंजाब में लगाया कर्फ्यू, ऐसी लापरवाह स्थिति में झारखण्ड में भी लगेगा कर्फ्यू?

कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते खतरे के कारण सरकारों को कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं। इसी कड़ी में आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे प्रदेश में कर्फ्यू का ऐलान कर दिया। पंजाब में कर्फ्यू के दौरान कोई ढील नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है। पंजाब देश का पहला राज्य है जहां कोरोना के कारण कर्फ्यू लागू किया गया है। वहीं, राज्यों ने जिलाधिकारियों (डीएम) को यह अधिकार दे रखा है कि अगर उन्हें धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाने की जरूरत महसूस हो तो वह इसका फैसला ले सकते हैं।

देश के कई हिस्सों से भीड़भाड़ की ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जो सरकारों एवं स्वास्थ्य एजेंसियों की चैन उड़ाने वाली हैं। सोशल डिस्टैंसिंग के तमाम आग्रहों, अपीलों के बावजूद लोग बेवजह बेखौफ हो घरों से बाहर निकल रहे हैं और भीड़ जुटा रहे हैं। झारखण्ड के कई शहरों में जनता कर्फ्यू के दूसरे दिन यानी आज लापरवाह नागरिकों का हुजूम उमड़ पड़ा था। अभी भी लोग कोरोना के खतरे को मजाक में ले रहे हैं।

लॉकडाउन न मानने पर देशभर में कर्फ्यू जरूरी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को पूरे देश में जनता कर्फ्यू को जोरदार समर्थन मिला। हालांकि, कुछ ऐसे भी लोग थे जिन्होंने न तो प्रधानमंत्री की अपील की परवाह की और न ही खुद या अपने परिजनों, चहेतों के स्वास्थ्य की चिंता और निकल पड़े बेखौफ तमाशा देखने घरों से निकल पड़े। इसलिए, इतना तो कहा जा सकता है कि अगर ऐसे चंद लोगों के लिए पूरे देश को कर्फ्यू का सामना करना पड़े तो भी ये भी स्वीकार। इतना जरूर है कि कोरोना के डर से पैदा हुई मुसीबत, इन लापरवाहों की वजह से और बड़ी जरूर हो जाएगी।

समझिए, क्या होता है कर्फ्यू

कर्फ्यू को अपराध प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 समझने की भूल नहीं करें। जहां निषेधाज्ञा पांच या इससे ज्यादा लोगों को एक जगह पर इकठ्ठा होने से रोकने का कानून है तो कर्फ्यू में लोगों को घरों से निकलने की मनाही होती है। कर्फ्यू तब लगाया जाता है जब किसी इलाके, शहर, प्रदेश की स्थिति किसी कारण से ऐसी हो जाती है कि लोगों को घरों में बंद रहना ही उचित होता है। स्वाभाविक है कि कोरोना ने किसी खास इलाके या शहर नहीं, बल्कि देश-दुनिया में आपात स्थिति पैदा कर दी है। कोरोना जाती धर्म अमीर गरीब नागरिकता राजनीतिक दल देख कर नहीं बल्कि सभी पर खतरा बना हुआ है।

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