इश्क का खूनी खेल:गर्लफ्रेंड को रास्ते से हटाने 4 लाख की सुपारी, पत्नी संग रची साजिश,तीन राज्यों से 9 गिरफ्तार

जमशेदपुर/सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए पति-पत्नी समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शादीशुदा प्रेमी और उसकी पत्नी ने मिलकर पूर्णिमा की हत्या की साजिश रची और 4 लाख रुपये की सुपारी देकर शूटर बुलाए। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शूटर्स  फिल्म देखकर हत्या की योजना बनाई थी।

पुलिस के अनुसार, मृतका पूर्णिमा चौहान (25) का रायगढ़ निवासी मुरलीशंकर चौहान से प्रेम संबंध था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार-प्रसार का काम करते थे। पूर्णिमा अपनी पहली शादी टूटने के बाद मायके में रह रही थी, जबकि मुरलीशंकर पहले से शादीशुदा था। बताया जा रहा है कि पूर्णिमा लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

घर में घुसकर मारी तीन गोलियां:
26 जून की सुबह ग्राम जोंगरा में दो नकाबपोश युवक बिना नंबर की बाइक से पूर्णिमा के घर पहुंचे। एक आरोपी घर के अंदर गया और पहचान सुनिश्चित करने के बाद पिस्टल से तीन गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल पूर्णिमा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पोस्ट ऑफिस की जमा राशि से दी एडवांस सुपारी:
जांच में सामने आया कि मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा ने झारखण्ड के राजेंद्र महंत के जरिए 4 लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की थी। पुलिस के मुताबिक, चम्पा ने पोस्ट ऑफिस की जमा राशि तुड़वाकर उसमें से 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर आरोपियों को दिए थे। बाकी रकम हत्या के बाद बांटने की योजना थी।

साजिश में 9 लोग शामिल:
पुलिस ने बताया कि हत्या की साजिश में मुरलीशंकर चौहान, चम्पा चौहान, राजेंद्र महंत, सुनील महंत, गौरीशंकर सिदार, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत शामिल थे। सभी ने हत्या से लेकर फरारी तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।

तकनीकी जांच से खुला राज:
मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), टावर डंप और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। झारखण्ड के जमशेदपुर और महाराष्ट्र के पुणे में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और 71,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। घटनास्थल से तीन खाली कारतूस भी मिले थे।

एसपी ने क्या कहा:
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि इस हत्याकांड का खुलासा वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर किया गया। साइबर और तकनीकी टीम के सहयोग से पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

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