The inside story of the girlfriend’s murder:ट्रेन में महिला की हत्या की गुत्थी सुलझी, पानी की बोतल खरीदने के लिए किया UPI पेमेंट बना आरोपी की गिरफ्तारी की वजह…

जमशेदपुर। हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में घायल अवस्था में मिली एक महिला की मौत के मामले में रेल पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में राँची के एक कॉलेज छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी का दबाव बना रही अपनी प्रेमिका की हत्या करने की कोशिश की थी। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि स्टेशन पर पानी की बोतल खरीदने के लिए किया गया एक UPI ट्रांजेक्शन पुलिस को सीधे आरोपी तक ले गया।
पुलिस के मुताबिक, 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस में एक 27 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिली थी। उसके कान से खून बह रहा था और शरीर पर मारपीट के निशान थे। जीआरपी ने उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन करीब दस दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 15 जून को उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान नहीं होने और बयान दर्ज नहीं हो पाने के कारण मामला ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री बन गया।
जांच के दौरान मृतका की पहचान राँची के बरियातू की रहने वाली तलाकशुदा महिला के रूप में हुई। वहीं, आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय कुमार ऋषभ के रूप में हुई, जो राँची के मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए का छात्र है।
शादी का दबाव बना हत्या की वजह:
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। आरोपी ने महिला को शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए, लेकिन जब महिला ने शादी करने का दबाव बनाया तो उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बना ली।बताया गया कि आरोपी महिला को अपने साथ ट्रेन में लेकर गया। रात के समय ट्रेन के टाटानगर पहुंचने से पहले उसने मोबाइल चार्जर के तार से महिला का गला घोंटने की कोशिश की। महिला को मृत समझकर वह उसे ट्रेन में ही छोड़कर फरार हो गया।
UPI ट्रांजेक्शन से खुला पूरा राज:
मामले की जांच के दौरान आरपीएफ और टाटानगर रेल पुलिस ने राँची से टाटानगर तक के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। राँची स्टेशन के फुटेज में महिला एक युवक के साथ दिखाई दी। इसी दौरान युवक स्टेशन के एक स्टॉल से UPI के जरिए पानी की बोतल खरीदते हुए कैमरे में कैद हो गया।
पुलिस ने स्टॉल संचालक से डिजिटल भुगतान का रिकॉर्ड लिया और साइबर टीम की मदद से ट्रांजेक्शन की जांच की। UPI से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर कॉल डिटेल, टावर लोकेशन, बैंक खाते और केवाईसी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। तकनीकी जांच में पुष्टि हुई कि घटना के समय आरोपी उसी ट्रेन में मौजूद था।
पूछताछ में कबूला जुर्म:
इसी बीच 30 जून को राँची के बरियातू थाने में महिला की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मृतका की तस्वीर का मिलान होने के बाद पुलिस ने कुमार ऋषभ को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।पुलिस का कहना है कि मामले का खुलासा तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर संभव हो सका।

