जिस कुएं से भरता था गांव का पानी, वहीं खत्म हो गई मासूम की जिंदगी

 

दुमका। शनिवार की रात पांच वर्षीय अमन किस्कू अपनी मां के साथ मच्छरदानी के भीतर चैन की नींद सोया था। किसी ने नहीं सोचा था कि अगली सुबह उसकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक खबर लेकर आएगी। रविवार की सुबह जब गांव की एक महिला पानी भरने कुएं पर पहुंची, तो उसकी चीख सुनकर पूरा गांव दौड़ पड़ा। कुएं में तैर रहा था मासूम अमन का शव।

घटना दुमका जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र के जियापानी (धबोरना) प्रधान टोला की है। मासूम अमन की मौत ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस कुएं का पानी रोज गांव के घरों तक पहुंचता था, उसी कुएं ने रविवार को एक परिवार की खुशियां छीन लीं।

मृतक की मां डोली टुडू ने बताया कि शनिवार रात वह अपने बेटे अमन के साथ एक ही खटिया पर सोई थी। रात करीब तीन बजे अचानक उनकी नींद खुली तो अमन बिस्तर पर नहीं था। पहले लगा कि वह आसपास कहीं होगा, लेकिन काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। परिजन पूरी रात गांव और आसपास के इलाकों में उसे खोजते रहे।

सुबह करीब पांच बजे गांव की एक महिला रोज की तरह पानी भरने कुएं पर पहुंची। जैसे ही उसने बाल्टी कुएं में डाली, उसकी नजर पानी में तैर रहे बच्चे के शव पर पड़ी। महिला की चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकाला। शव की पहचान अमन किस्कू के रूप में हुई।

बताया जाता है कि अमन पिछले तीन वर्षों से अपने नाना सुरेश टुडू के घर रह रहा था। परिवार का लाडला अमन अचानक इस दुनिया को छोड़ जाएगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही गोपीकांदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दुमका भेज दिया है। थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

मासूम अमन की मौत के बाद पूरे धबोरना प्रधान टोला में शोक की लहर है। गांव के लोगों की आंखें नम हैं और हर कोई यही कह रहा है कि खेलने-कूदने की उम्र में एक मासूम का यूं दुनिया छोड़ जाना बेहद दर्दनाक है।

 

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