विधायक के ड्राइवर हत्याकांड में पुलिस का शिकंजा और कसा, दो महिला आरोपी गिरफ्तार; अब तक 7 पहुंचे जेल
कोडरमा।झारखण्ड के कोडरमा जिले में चर्चित राजकुमार यादव हत्याकांड में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। कई दिनों से फरार चल रही दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड में जेल भेजे गए आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
3 जून की रात चितरपुर गांव में हुई इस हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की जमीन विवाद में धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें बचाने पहुंचे उनके पिता, मां और बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था। ग्रामीण लगातार शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया था। इसी कड़ी में बुधवार को कोडरमा थाना पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर दो महिला आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार महिलाओं में सोनी देवी (30 वर्ष), पत्नी रामदेव यादव और यशोदा देवी उर्फ गीता देवी (42 वर्ष), पत्नी राजू यादव शामिल हैं। दोनों चितरपुर गांव की निवासी हैं और पुलिस के अनुसार हत्याकांड में उनकी भूमिका सामने आई है।
क्या था पूरा मामला?
3 जून 2026 की रात करीब 9:30 बजे जमीन विवाद को लेकर राजकुमार यादव पर फरसा और कुदाल जैसे धारदार हथियारों से हमला किया गया था। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी श्वेता देवी की शिकायत पर कोडरमा थाना में कांड संख्या 113/26 दर्ज किया गया था।मामला दर्ज होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब दो और गिरफ्तारियों के साथ पुलिस की जांच और कार्रवाई आगे बढ़ी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी पांच आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।
इस अभियान में थाना प्रभारी विकास पासवान, अवर निरीक्षक धनेश्वर कुमार, विशाल सिंह, सहायक अवर निरीक्षक शशि प्रभा सिन्हा सहित पुलिस टीम के अन्य जवान शामिल रहे।राजकुमार यादव हत्याकांड में लगातार हो रही गिरफ्तारियां यह संकेत दे रही हैं कि पुलिस अब इस मामले के हर किरदार तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। वहीं, पूरे इलाके की निगाहें अब उन पांच फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

