झारखण्ड राज्यसभा चुनाव : परिमल नाथवानी का नामांकन वैध, कांग्रेस में बढ़ी नाराज़गी..

 

राँची।झारखण्ड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र पर उठे विवाद के बीच चुनावी प्रक्रिया ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। कांग्रेस की ओर से तकनीकी खामियों का हवाला देकर दर्ज कराई गई आपत्तियों के बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित कर दिया।

नामांकन की वैधता पर मुहर लगने के बाद भी मामला शांत होता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस के कई विधायक और नेता इस फैसले से असंतुष्ट हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, झारखण्ड कांग्रेस के विधायक जल्द ही दिल्ली जाकर मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर अपनी नाराज़गी और आपत्तियों से अवगत करा सकते हैं।


नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विधानसभा परिसर में माहौल काफी गर्म रहा। सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से अपना पक्ष रखने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद विशेष रूप से दिल्ली से राँची पहुंचे थे। हालांकि, रिटर्निंग ऑफिसर रंजीत कुमार ने उन्हें सुनवाई में पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी।इसी फैसले ने विवाद को और हवा दे दी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर नामांकन से जुड़े दस्तावेज स्वीकार किए गए, जबकि दूसरी ओर उनके वरिष्ठ प्रतिनिधि को सुनवाई में शामिल होने से रोक दिया गया।

सुनवाई के बाद विधानसभा परिसर में कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह और राधाकृष्ण किशोर सहित कई नेताओं ने रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और सुनवाई के दौरान समान अवसर नहीं दिया गया। पार्टी अब इस मुद्दे को संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक ले जाने की तैयारी में है।

इधर,परिमल नाथवानी का नामांकन वैध होने के बाद राज्यसभा चुनाव की लड़ाई और दिलचस्प हो गई है। हालांकि, कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष और दिल्ली में संभावित राजनीतिक बैठकों से संकेत मिल रहे हैं कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें कांग्रेस नेतृत्व और झारखण्ड के विधायकों की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

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