राज्यसभा चुनाव से पहले झारखण्ड में NDA की रणनीतिक बैठक, निशिकांत दुबे का हेमंत सोरेन पर बड़ा हमला

 

राँची।झारखण्ड दौरे पर आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए घटक दलों के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। भले ही इसे औपचारिक रूप से शिष्टाचार मुलाकात बताया गया, लेकिन बैठक में आगामी राज्यसभा चुनाव, एनडीए की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती प्रमुख चर्चा के विषय रहे।बैठक में आजसू प्रमुख सुदेश महतो, गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, जदयू विधायक सरयू राय, आजसू विधायक निर्मल महतो, लोजपा प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रधान और विधायक जनार्दन पासवान सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नेताओं ने भाजपा अध्यक्ष का स्वागत करते हुए झारखण्ड में एनडीए को और मजबूत बनाने पर मंथन किया।

जदयू विधायक सरयू राय ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर एनडीए पूरी तरह एकजुट है और भाजपा नेता गौरव वल्लभ के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब केवल भाजपा की औपचारिक घोषणा बाकी है। वहीं आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने राज्यसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है।इससे पहले नितिन नबीन ने भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ अलग बैठक कर संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट संदेश दिया है कि झारखण्ड में भाजपा को अपने दम पर मजबूत बनाना है। विधायक सीपी सिंह ने भी विश्वास जताया कि 2029 में भाजपा झारखण्ड में अपनी सरकार बनाएगी।

इसी बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्यसभा चुनाव के बहाने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो-कांग्रेस गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि झामुमो राज्यसभा की दूसरी सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारती है तो यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की राजनीतिक कमजोरी और कांग्रेस पर उनकी निर्भरता को उजागर करेगा। दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार झामुमो पर दबाव बनाती रही है और हेमंत सोरेन अपनी राजनीतिक घोषणाओं पर खरे नहीं उतर पाए हैं।

निशिकांत दुबे ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि संथाल परगना समेत कई क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलाव चिंताजनक है और भाजपा ऐसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अब “बांग्लादेशी घुसपैठ” के नाम पर राजनीति नहीं होने देगी और इस विषय पर पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा सांसद ने यह भी स्वीकार किया कि वर्ष 2010 के बाद से झारखण्ड में भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने में सफल नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा को अपने संगठन और जनाधार के बल पर राज्य में सत्ता हासिल करने की दिशा में काम करना होगा।

राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच हुई इस बैठक ने साफ संकेत दे दिया है कि झारखण्ड में एनडीए जहां एक ओर अपनी राजनीतिक एकजुटता का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं भाजपा संगठनात्मक मजबूती के साथ आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए भी रणनीति तैयार करने में जुट गई है। दूसरी ओर निशिकांत दुबे के तीखे हमलों ने राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल और गर्म कर दिया है।

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