दुमका: कोल ब्लॉक के भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे,तीन कर्मियों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक…देर रात प्रशासन ने छुड़ाया..

दुमका।झारखण्ड दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में आवंटित कोल ब्लॉक का ग्रामीणों द्वारा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है।सोमवार शाम भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे हरियाणा पावर कंपनी के तीन कर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।जिसे प्रशासन ने देर रात लगभग एक बजे काफी मशक्कत के बाद छुड़ाया।
बताया जाता है कि शिकारीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के बादलपाड़ा इलाके में हरियाणा पावर को कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है।कल सोमवार शाम कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी ड्रिलिंग के लिए मौके पर पहुंचे।जैसे ही उन्होंने ड्रिल मशीन चालू किया, काफी संख्या में ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया।
ग्रामीणों का कहना था कि बिना ग्राम सभा कराए कैसे काम शुरू किया जा रहा है।देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और उन्होंने तीनों कर्मियों को बंधक बना लिया। जब यह सूचना शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी कपिल देव ठाकुर और थाना प्रभारी अमित लकड़ा को हुई तो वे मौके पर पहुंचे।पूरी जानकारी जब जिला मुख्यालय को हुई तब दुमका एसडीएम कौशल कुमार और एसडीपीओ विजय कुमार महतो शिकारीपाड़ा थाना पहुंचे।उनके निर्देश पर वहां से अतिरिक्त पुलिस बल को बादलपाड़ा भेजा गया।रात लगभग एक बजे काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने कोल कंपनी के कर्मियों को इस शर्त पर छोड़ा कि भविष्य में वे कभी भी बिना ग्राम सभा की अनुमति के नहीं आएंगे।
इस पूरे मामले में दुमका एसडीएम कौशल कुमार ने फोन पर बताया कि कोल कंपनी के कर्मी भूमि सर्वेक्षण के लिए पहुंचे थे।लेकिन ग्रामीणों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया और बंधक बना लिया। लोगों का कहना था कि बिना ग्राम सभा और उनकी बिना सहमति के काम क्यों शुरू किया।एसडीएम ने बताया कि देर रात उन लोगों को छुड़ा लिया गया है।
बता दें कि यह पहली घटना नहीं है,जब कोल ब्लॉक इलाके में ग्रामीणों ने लोगों को बंधक बनाया है। 20 फरवरी 2024 को महिला प्रशिक्षु प्रांजल ढांढा और अन्य सरकारी कर्मियों को भी शिकारीपाड़ा के लताकांदर के कोल ब्लॉक एरिया में बंधक बनाया गया था।

