आतंक और उग्रवाद पर ‘अंतिम प्रहार’: NIA की पाठशाला में झारखण्ड पुलिस के 45 जांबाज ले रहे हैं सख्त ट्रेनिंग

​राँची। झारखण्ड राज्य से वामपंथी उग्रवाद का नामोनिशान मिटाने और आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए झारखण्ड पुलिस ने एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य में अंतिम सांसें गिन रहे उग्रवाद पर अंतिम प्रहार करने और आतंकी घटनाओं की जांच को इतने सटीक मुकाम पर पहुंचाने के लिए, जिससे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके, झारखण्ड पुलिस ने देश की सबसे प्रतिष्ठित जांच एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण ब्यूरो (NIA) के साथ हाथ मिलाया है। दोनों ने मिलकर आज से एक बेहद अहम और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज कर दिया है।

​होटवार में शुरू हुआ तीन दिवसीय विशेष महामंथन

यह हाई-प्रोफाइल प्रशिक्षण कार्यक्रम राँची के होटवार स्थित ‘अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय’ में सोमवार, 13 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। तीन दिनों तक चलने वाले इस कड़े प्रशिक्षण सत्र में झारखण्ड पुलिस की जिला इकाई, एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) और अन्य महत्वपूर्ण विंग्स से चुनकर आए कुल 45 आला अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग में शामिल होने वाले अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पुलिस अवर निरीक्षक , पुलिस निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक स्तर तक के मँजे हुए अधिकारी शामिल हैं।

​UAPA कानून के तहत कसेंगे शिकंजा, आईजी विजयालक्ष्मी ने किया उद्घाटन

इस विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम को “यू०ए० (पी०) कानून के तहत अनुसंधान कौशल एवम अभियोजन” का नाम दिया गया है। इसका सीधा मकसद यह है कि जब भी उग्रवादियों या आतंकियों के खिलाफ सख्त ‘अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट’ (UAPA) लगाया जाए, तो जांच में कोई ढिलाई न रहे और कोर्ट में उन्हें सख्त सजा दिलवाई जा सके।

​इस बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) ए० विजयालक्ष्मी द्वारा किया गया। उद्घाटन के इस खास मौके पर एनआईए (NIA) की पुलिस अधीक्षक साकरिका नाथ और अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिन्हा भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने अधिकारियों का मार्गदर्शन किया।

​इस संयुक्त प्रयास के बाद अब यह साफ हो गया है कि झारखण्ड की धरती पर अशांति फैलाने वाले उग्रवादी तत्वों और देशविरोधी ताकतों के दिन अब गिनती के ही बचे हैं, क्योंकि अब उनके सामने एनआईए के तजुर्बे से लैस झारखण्ड पुलिस की यह अभेद्य दीवार खड़ी होने जा रही है।

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