दुमका गोलीकांड मामले में विभिन्न संगठनों ने की निंदा,दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम….

 

दुमका।झारखण्ड की उपराजधानी दुमका शहर में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका उदाहरण मंगलवार सुबह देखने को मिला, जब बाइक सवार बदमाशों ने डीआईजी कार्यालय के ठीक सामने मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह को गोली मार दी। सबसे व्यस्त और अति सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई इस घटना से पूरा शहर स्तब्ध है।गंभीर रूप से घायल अरुण सिंह को बेहतर इलाज के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर दुमका बस स्टैंड परिसर में मोटर मजदूर संघ, मालिक समिति और दुकानदार समिति की संयुक्त बैठक हुई।बैठक में मौजूद लोगों ने इस हमले को सुनियोजित अपराध बताते हुए प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और शहर की गतिविधियां ठप कर दी जाएंगी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना उस जगह हुई जहां पुलिस कंट्रोल रूम, बैंक, कोर्ट और समाहरणालय जैसे संवेदनशील संस्थान मौजूद हैं। नगर निकाय चुनाव के कारण प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया जा रहा था, लेकिन अपराधियों ने दिन के उजाले में हमला कर उन दावों को पूरी तरह झूठा साबित कर दिया।लोगों का कहना है कि जब डीआईजी कार्यालय के सामने ही कोई सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।

घटना के 12 घंटे से अधिक बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली है,जिससे लोगों का गुस्सा और अविश्वास दोनों बढ़ते जा रहे है।लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे है।

 

लोगों का कहना है कि रविवार की रात शिव सुंदरी रोड निवासी रूपम किशोर सिंह पर घर के बाहर हमला किया गया था। उस मामले में सीसीटीवी फुटेज और नामजद प्राथमिकी होने के बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

संयुक्त बैठक के बाद संघ से जुड़े वक्ताओं ने साफ कहा कि यदि 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।शहरवासी प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर लगाए हुए हैं।शहर में यह चर्चा आम हो गई है कि यदि अपराध पर तुरंत लगाम नहीं लगी, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।वहीं कुछ लोग दुमका एसपी को भी हटाने कह रहे हैं।लोगों का मानना है कि एसपी का शहर में अपराध पर नियंत्रण करने में बेअसर साबित होते जा रहे है।

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