राँची में विधायक पुत्र के कथित अपहरण से सनसनी: दरोगा के बेटे समेत 9 नामजद, भाजपा नेता का भी नाम; समझौते की कोशिश नाकाम तो दर्ज हुई FIR
-एमिटी यूनिवर्सिटी गेट पर विवाद के बाद दो स्कॉर्पियो में पहुंचे युवकों पर मारपीट, जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने और सोने की चेन व मोबाइल छीनने का आरोप
राँची।राजधानी राँची में चतरा के लोजपा (आर) विधायक जनार्दन पासवान के पुत्र के कथित अपहरण और जानलेवा हमले के मामले ने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारे तक हलचल मचा दी है।एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर हुए इस कथित वारदात में विधानसभा थाना पुलिस ने विधायक पुत्र सौरभ कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।मामले में यूनिवर्सिटी के छात्र लक्की राज को मुख्य आरोपी बताया गया है। एफआईआर में कुल नौ लोगों को नामजद किया गया है। इनमें लक्की राज के अलावा आयुष मिश्रा, प्रकाश कुमार, रौनक सिंह, प्रीतम सिंह, राहुल बनिया, बाबू साहेब आयुष, शौर्या राज और रोहित सिंह उर्फ तोता सहित अन्य अज्ञात नाम शामिल हैं।
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, 7 सितंबर की शाम करीब चार बजे विधायक पुत्र 26 वर्षीय सौरभ कुमार अपनी क्लास खत्म करने के बाद अपने दोस्तों अमरदीप दुबे, अनमोल और रविशंकर के साथ एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान यूनिवर्सिटी के जूनियर छात्र लक्की राज की अमरदीप से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद लक्की राज ने फोन कर यूनिवर्सिटी के बाहर से कुछ युवकों को बुलाया। कुछ ही देर में दो काले रंग की स्कॉर्पियो में करीब 10-12 युवक लाठी-डंडों के साथ पहुंचे और सौरभ तथा उनके दोस्तों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
दोस्त को धक्का देकर गिराया, सौरभ को जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप
शिकायत के अनुसार, मारपीट के दौरान आरोपियों ने सौरभ के दोस्त अनमोल को धक्का देकर गिरा दिया। इसके बाद सौरभ को कथित तौर पर जबरन एक वाहन में बैठाकर वहां से ले जाया गया।
एफआईआर में सौरभ ने आरोप लगाया है कि चलती गाड़ी में आरोपियों ने उनका गला दबाया, जिससे उन्हें सांस लेने में काफी परेशानी हुई। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन और करीब 20 ग्राम वजन की सोने की चेन भी छीन लिए जाने का आरोप है।इसी दौरान घटना की जानकारी सौरभ के दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को दी। इसके बाद पुलिस ने शहर में नाकेबंदी शुरू कर दी।शिकायत के मुताबिक, पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद आरोपियों ने सौरभ को विधानसभा थाना क्षेत्र में छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।आरोप यह भी है कि जाते समय आरोपियों ने पुलिस को सूचना देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
दरोगा के बेटे और युवा भाजपा नेता का नाम आने से बढ़ी हाई-प्रोफाइल मामले की चर्चा
इस पूरे मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि मुख्य आरोपी बताए जा रहे लक्की राज को एक पुलिस पदाधिकारी का बेटा बताया जा रहा है। वहीं, नामजद आरोपियों में एक स्थानीय युवा भाजपा नेता का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में मामला पुलिस, राजनीति और विधायक परिवार से जुड़ने के कारण हाई-प्रोफाइल हो गया है।हालांकि, आरोपियों की भूमिका और घटना में उनकी वास्तविक संलिप्तता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सोमवार की घटना, मंगलवार शाम FIR; दिनभर चली समझौते की कवायद
सूत्रों के अनुसार, घटना सोमवार शाम की बताई जा रही है, जबकि प्राथमिकी मंगलवार शाम दर्ज की गई। इस दौरान मंगलवार को दिनभर दोनों पक्षों के बीच मामले को आपसी समझौते से खत्म कराने की कोशिशें चलती रहीं।सूत्रों का दावा है कि मामले में एक तरफ पुलिस पदाधिकारी के बेटे का नाम, दूसरी तरफ विधायक के बेटे का मामला और तीसरी तरफ राजनीतिक रसूख रखने वाले व्यक्ति का नाम सामने आने के कारण समझौते की कवायद ने जोर पकड़ा। लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बनी और अंततः पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली।
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाई-प्रोफाइल आरोपों के बाद पुलिस कार्रवाई कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है।
BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
विधानसभा थाना पुलिस ने सौरभ कुमार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 127(2), 115(2), 351(2), 352 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

