गिरिडीह में पुरानी रंजिश का खूनी खेल… रितिक हत्याकांड में दो गिरफ्तार, बिना नंबर की कार जब्त
गिरिडीह। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में 24 सितंबर की रात हुई रितिक यादव उर्फ बड्डी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीरटांड़ के नावाडीह निवासी सतीश यादव और अनुज कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल बताई जा रही सफेद रंग की बिना नंबर वाली रेनॉल्ट कार भी बरामद की है।
मृतक रितिक यादव गिरिडीह शहर के राजेंद्र नगर निवासी था। वह बोकारो के चतरोचट्टी थाना में पदस्थापित एसआई मुसाफिर सिंह यादव का पुत्र था। युवक की हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
छह महीने पुरानी रंजिश फिर बनी विवाद की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे करीब छह महीने पुरानी आपसी रंजिश की बात सामने आई है। बताया गया कि पुराना विवाद उस समय सुलझा लिया गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तल्खी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।24 सितंबर की रात रितिक अपने दोस्तों के साथ बंदरकुप्पी स्थित मैगी प्वाइंट पर गया था। इसी दौरान वहां सतीश यादव भी मौजूद था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर कहासुनी हो गई।कहासुनी के बाद सतीश वहां से चला गया। लेकिन पुलिस जांच के अनुसार, कुछ देर बाद वह अपने साथियों के साथ दोबारा वहां पहुंचा और रितिक का पीछा किया।
कार रोककर सड़क किनारे उतरा रितिक, तभी हमला
पुलिस के मुताबिक, पीछा किए जाने के दौरान रितिक ने रास्ते में अपनी कार रोकी और सड़क किनारे उतर गया। इसी दौरान आरोपियों ने कथित रूप से उस पर हमला कर दिया।
मारपीट में रितिक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद मुफ्फसिल थाना पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर सदर एसडीपीओ जीतबाहन उरांव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।जांच टीम ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए सतीश यादव और अनुज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर कार बरामद
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बताई जा रही सफेद रंग की बिना नंबर वाली रेनॉल्ट कार बरामद की गई।इसके साथ ही घटनास्थल से कई सामान भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इनमें तीन बांस की लाठियां,पेड़ की एक डाली,तीन जोड़ी चप्पल,रूई के टुकड़ों पर उठाया गया रक्त का नमूना शामिल हैं।पुलिस ने बरामद सभी सामान को अनुसंधान के लिए सुरक्षित रखा है। मामले में इन सामानों की जांच और अन्य साक्ष्यों को भी अनुसंधान में शामिल किया जा रहा है।
घटना के वक्त मैगी दुकान पर थी भीड़, फिर क्यों नहीं रुकी मारपीट?
इस हत्याकांड में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है;जब घटना से पहले और आसपास मैगी दुकान पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे, तो मारपीट के दौरान किसी ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया?
मृतक के परिजनों के अनुसार, भदानी मैगी शॉप एंड टी स्टॉल पर घटना के समय काफी संख्या में लोग मौजूद थे। बताया जाता है कि रात आठ बजे के बाद इस दुकान पर आसपास के इलाकों के साथ गिरिडीह शहर से भी बड़ी संख्या में युवा पहुंचते हैं।देर रात तक यहां चाय और मैगी का दौर चलता है। ऐसे में घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ पुलिस के लिए अहम हो सकती है।फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से मामले में दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और घटना में प्रयुक्त बताई जा रही कार समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना की पूरी कड़ी सामने आने का इंतजार है।

