चार साल के विवान की हुई घर वापसी, पुलिस ने नए कपड़े और गिफ्ट देकर किया विदा,भावुक हुआ माहौल

–CWC की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा गया मासूम, तीन दिन में पुलिस ने साहिबगंज के तीनपहाड़ से किया था सकुशल बरामद

राँची। राँची रेलवे स्टेशन से अपहृत चार वर्षीय विवान कुमार आखिरकार मंगलवार शाम अपने परिवार के पास लौट आया। कई दिनों से बच्चे की तलाश में परेशान परिवार को जब विवान सकुशल मिला तो राहत और भावुकता का माहौल बन गया। 27 सितंबर को पुलिस ने साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ से विवान को सकुशल बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ा है। इनमें पांच आरोपियों को सोमवार देर शाम जेल भेज दिया गया, जबकि एक नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया है।

CWC की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को सौंपा गया बच्चा

विवान की बरामदगी के बाद मंगलवार को उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया। बाल संरक्षण से जुड़ी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शाम को विवान को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।विवान और उसकी मां-बहन को लेने के लिए उसके दो चाचा और मामा छत्तीसगढ़ से राँची पहुंचे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार विवान को लेकर छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गया।बच्चे को परिवार के हवाले करने के दौरान कुछ देर के लिए थाना परिसर में माहौल बेहद भावुक हो गया। लंबे इंतजार और चिंता के बाद परिजनों की गोद में बच्चा पहुंचा तो परिजनों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। परिवार के लिए यह सिर्फ बच्चे की वापसी नहीं, बल्कि कई दिनों से चली आ रही चिंता और भय के खत्म होने का पल था।

पुलिस की वर्दी के पीछे दिखा अपनापन

विवान की घर वापसी के दौरान पुलिस का एक संवेदनशील चेहरा भी देखने को मिला। बच्चे को परिजनों के सुपुर्द करने से पहले थाना प्रभारी ने उसकी सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ उसकी जरूरतों का भी ख्याल रखा।थाना प्रभारी ने विवान और उसकी बहन के लिए नए कपड़े मंगवाए और उन्हें गिफ्ट भी दिया। अपहरण जैसी भयावह घटना से गुजरने के बाद बच्चे को सुरक्षित देखना और पुलिसकर्मियों का उसके साथ आत्मीय व्यवहार करना परिवार के लिए भावुक कर देने वाला क्षण रहा।

पुलिस की इस पहल ने यह दिखाया कि कानून-व्यवस्था और जांच की जिम्मेदारी निभाने के साथ पुलिसिंग में मानवीय संवेदनशीलता की भी अहम भूमिका होती है। खासकर किसी मासूम बच्चे के मामले में पुलिसकर्मियों का ऐसा व्यवहार परिवार के लिए भरोसे और राहत का संदेश देता है।

100 से ज्यादा CCTV फुटेज और 110 रुपये के ऑनलाइन पेमेंट से मिला सुराग
विवान के अपहरण के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना थी। 24 सितंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे राँची रेलवे स्टेशन से चार वर्षीय विवान कुमार के अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस टीम ने 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल लेन-देन की भी पड़ताल की गई। इसी क्रम में महज करीब 110 रुपये के एक ऑनलाइन भुगतान ने पुलिस को अहम सुराग दिया।

पुलिस के अनुसार, बच्चे को स्टेशन के बाहर से उठाने के बाद आरोपी टोटो से खादगढ़ा बस स्टैंड पहुंचे और फिर बस से राँची से बाहर निकल गए। इसी दौरान मुख्य आरोपी रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन ने स्टेशन के सामने एक फूड वैन पर करीब 110 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया था। तकनीकी जांच के दौरान यह ट्रांजेक्शन पुलिस के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।
CCTV फुटेज और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस की जांच धनबाद तक पहुंची। 27 सितंबर को मुख्य आरोपी रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन को धनबाद रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ पहुंची, जहां बिट्टु के नानी घर से विवान को सकुशल बरामद कर लिया गया।

छह आरोपी पकड़े गए, पांच जेल और नाबालिग बाल सुधार गृह भेजा गया
पुलिस ने इस मामले में रोहित मुखर्जी उर्फ डॉन, बिट्टु कुमार सिंह, छोटु कुमार, तसबीर शेख और जमादार शेख को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।पुलिस अब इस मामले में कथित गिरोह के नेटवर्क, राँची में उनके ठिकानों और चोरी के मोबाइल से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।

फिलहाल, विवान अपने परिवार के साथ छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो चुका है। तीन दिनों तक चली पुलिस की जांच में CCTV फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और महज 110 रुपये के डिजिटल भुगतान से मिली कड़ी आखिरकार पुलिस को उस मासूम तक ले गई, जिसका परिवार कई दिनों से उसकी सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा था।
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