राँची:तमाड़ की 6 पंचायतों में पुलिस का जागरूकता अभियान, अफीम की खेती से तौबा करने की ग्रामीणों से अपील; वैकल्पिक खेती अपनाने पर दिया जोर
राँची। झारखण्ड में अफीम की अवैध खेती पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अब ग्रामीणों को जागरूक करने की मुहिम तेज कर दी है। इसी कड़ी में रविवार, 1 नवंबर को राँची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र की छह पंचायतों में थाना प्रभारी दुलाल कुमार महतो नेतृत्व में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की और उन्हें अफीम की अवैध खेती के कानूनी, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों से अवगत कराया।
पुलिस की ओर से यह अभियान अरहंगा, जरगो, मल्हान भूयडीह, मारधन, परासी एवं कुंडला पंचायतों में चलाया गया। बैठकों के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि अफीम की खेती भले ही कुछ लोगों को कम समय में अधिक कमाई का जरिया नजर आती हो, लेकिन इसका परिणाम कानूनी कार्रवाई, आर्थिक नुकसान और सामाजिक बदनामी के रूप में सामने आ सकता है। ऐसी गतिविधियों से न केवल संबंधित परिवार, बल्कि पूरे गांव और समाज का भविष्य प्रभावित होता है।
अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों से स्पष्ट अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अफीम की अवैध खेती नहीं करें। यदि गांव या आसपास के क्षेत्रों में कहीं अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अवैध खेती के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अफीम छोड़ें, वैध खेती से संवारें भविष्य
पुलिस ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि अफीम की अवैध खेती से होने वाली कमाई स्थायी और सुरक्षित भविष्य का रास्ता नहीं है। इसके बजाय किसान वैध एवं लाभकारी कृषि को अपनाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। ग्रामीणों को खेती के ऐसे विकल्पों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनकी आमदनी भी बढ़े और वे किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने से भी बचें।
पुलिस का कहना है कि तमाड़ थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। एक ओर ग्रामीणों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर अवैध खेती में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की भागीदारी से अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाना और क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त रखने की दिशा में प्रयास करना है।

