योगेंद्र साव के खिलाफ झासा का मोर्चा:मामला अब प्रशासनिक सेवा संघ तक पहुंचा, योगेंद्र साव पर कार्रवाई की मांग; नहीं तो पूरे राज्य में आंदोलन
हजारीबाग। हुरहुरू की खासमहल जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच शुरू हुआ विवाद अब बड़ा रूप लेता दिख रहा है। सदर अंचलाधिकारी आशुतोष कुमार के साथ कथित तौर पर हुए विवाद और अमर्यादित व्यवहार को लेकर अब झारखण्ड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) ने मोर्चा खोल दिया है।
हजारीबाग परिसदन में झासा की जिला इकाई की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को हजारीबाग तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे झारखण्ड में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार पर जताई नाराजगी
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्रवाई के दौरान सदर सीओ आशुतोष कुमार के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और व्यवहार का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक अधिकारियों के मनोबल से जोड़कर देखा।संघ की ओर से बताया गया कि घटना को लेकर थाने में आवेदन दिया जा चुका है। बैठक में मांग की गई कि उस आवेदन पर तत्काल कार्रवाई हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
डीसी से लेकर प्रदेश इकाई तक पहुंचा मामला
झासा हजारीबाग इकाई के अध्यक्ष महेंद्र छोटन उरांव ने बताया कि पूरे मामले से हजारीबाग डीसी हेमंत सती को अवगत कराया गया है। साथ ही झारखण्ड प्रशासनिक सेवा संघ की प्रदेश इकाई को भी इसकी जानकारी दी गई है।उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कार्रवाई करते हैं। ऐसे में किसी अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर संघ गंभीर है। कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, हुरहुरू के कैंटोनमेंट मौजा स्थित करीब 50 डिसमिल खासमहल जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए सदर सीओ आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान योगेंद्र साव भी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया।सीओ के साथ काफी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। प्रशासन का कहना है कि जमीन खासमहल की सरकारी भूमि है और वहां किए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।लेकिन पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव ने गाली गलौज और धक्का मुक्की करने लगा।अब पूर्व मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए कथित दुर्व्यवहार का मामला संघ के स्तर पर पहुंच गया है। इसी को लेकर झासा ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

