40 दिन बाद जंगल से मिला छोटू का कंकाल, एक मोबाइल ने खोल दिया हत्या का राज…
लातेहार। एक मोबाइल फोन के लिए दोस्ती का खौफनाक अंत कर दिया गया। मनिका थाना क्षेत्र के बन्दुआ गांव से 15 अगस्त को रहस्यमय तरीके से लापता हुए छोटू कुमार की हत्या उसके ही तीन दोस्तों ने कर दी थी। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया, ताकि किसी को भनक तक न लगे। करीब 40 दिन तक चली पुलिस जांच के बाद आखिरकार इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हो गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मनिका थाना क्षेत्र के कुमंडीह जंगल से छोटू कुमार का कंकाल बरामद किया। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीसरे नाबालिग आरोपी को निरुद्ध किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मनिका निवासी प्रेमचंद भुइयां, शिवम भुइयां और 17 वर्षीय एक किशोर ने छोटू कुमार से उसका मोबाइल छीन लिया था। छोटू जब अपना मोबाइल वापस मांगने लगा तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद आरोपियों ने शव को जंगल में ले जाकर फेंक दिया। इसके बाद मामले को छिपाने की कोशिश की गई।
15 अगस्त को छोटू के लापता होने के बाद उसके पिता ने मनिका थाना में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए लातेहार एसपी कुमार गौरव के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की।जांच के दौरान पुलिस ने पहले एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस को हत्या और शव छिपाने से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर कुमंडीह जंगल में छापेमारी कर छोटू का कंकाल बरामद किया गया।
डीएसपी प्रदीप कुमार के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार किया है। मामले में प्रेमचंद भुइयां और शिवम भुइयां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग आरोपी को निरुद्ध किया गया है।
मामले के उद्भेदन में डीएसपी प्रदीप कुमार, मनिका थाना प्रभारी विक्रांत कुमार उपाध्याय, अनुसंधानकर्ता एसआई अवनीश कुमार, एसआई पिंटू कुमार, एसआई सुमित कुमार सिंह समेत पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

