जमुई वायरल वीडियो कांड में पुलिस का बड़ा एक्शन: 3 नाबालिग गिरफ्तार, 32 सोशल मीडिया अकाउंट पर टेकडाउन; SIT खंगाल रही पूरी साजिश
जमुई। बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी के वायरल वीडियो ने समाज और पुलिसिंग, दोनों के सामने सोशल मीडिया के दुरुपयोग की गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने वाले अकाउंट्स पर भी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
ADG लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है।
घटना की तह तक पहुंचने में जुटी SIT
पुलिस के मुताबिक घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी इलाके में हुई थी। घटना का संभावित समय शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच बताया गया है। पुलिस अब घटनास्थल की परिस्थितियों के साथ-साथ उस इलाके में पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी।जांच में अब तक 7 से 8 युवकों के नाम सामने आने की बात कही गई है। पुलिस सभी संभावित आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। गिरफ्तार नाबालिगों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। SIT की जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ घटना करने वाले नहीं, वीडियो फैलाने वालों पर भी नजर
इस मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है।पुलिस अब सिर्फ घटना में शामिल लोगों की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि वायरल वीडियो को शेयर और प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है।
ADG के मुताबिक अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 X अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई की गई है। यानी कुल 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स से वीडियो हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि किसी आपत्तिजनक या अपराध से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर दोबारा पोस्ट करना,शेयर करना या वायरल करना भी जांच के दायरे में आ सकता है।
पीड़ित की पहचान उजागर करना भी कानूनन अपराध
ADG केएस अनुपम ने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना या उसका चेहरा दिखाकर वीडियो फैलाना भी कानून के तहत अपराध है। ऐसे मामलों में POCSO एक्ट और Juvenile Justice Act की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी नाबालिग से जुड़ा संवेदनशील वीडियो मिलने पर उसे आगे शेयर करने के बजाय संबंधित एजेंसियों को सूचना देना चाहिए।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मामले में जमुई थाना में BNSS की धारा 128, 74 और 75 तथा POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिसिंग के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भी परीक्षा
जमुई की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामले की जांच तक सीमित नहीं है। इसने यह सवाल भी खड़ा किया है कि किसी अपराध का वीडियो सामने आने के बाद समाज और सोशल मीडिया यूजर्स का व्यवहार कैसा होना चाहिए।अपराध का वीडियो बनाना या उसे आगे फैलाना पीड़ित के लिए दोहरी परेशानी पैदा कर सकता है। खासकर जब मामला नाबालिग से जुड़ा हो, तब उसकी पहचान और निजता की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।इसी वजह से पुलिस ने एक तरफ जहां आरोपियों की गिरफ्तारी और SIT जांच तेज की है, वहीं दूसरी तरफ वीडियो के डिजिटल प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।फिलहाल पुलिस की नजर घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य युवकों, उनके पुराने रिकॉर्ड, वायरल वीडियो के स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर फैलाने वाले नेटवर्क पर है। SIT की जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे मामले में और लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
क्या है मामला
वायरल वीडियो में नाबालिग़ छात्र-छात्रा एक स्कूटर पर बैठे हुए हैं और युवकों की भीड़ ने उन्हें घेर रखा है।इसी दौरान छात्रा के साथ कुछ युवकों के द्वारा गलत हरकत किया जा रहा है। वहीं छात्र युवकों के समूह से छात्रा को बचाने की कोशिश कर रहा है।इस वायरल वीडियो को लेकर जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने मीडिया से बात की है।
उन्होंने कहा, “आज सुबह (21 सितंबर) को एक वीडियो संज्ञान में आया था जिसमें दो नाबालिग स्टूडेंट के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।वीडियो के आधार पर ही हमने विक्टिम की पहचान की, उनका बयान रिकॉर्ड किया गया और उसी से पता चला कि ये घटना 19 सितंबर को शाम सात बजे के आसपास की है।जिसमें ये लड़का और लड़की कोचिंग के लिए गए हुए थे।उसी दौरान वो उस क्षेत्र में फ़ोटोशूट करने गए थे जहां पर ये घटना हुई है। ये जमुई थानाक्षेत्र की घटना है। अभियुक्तों की पहचान हो गई है और क़ानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले में गिरफ़्तारी हो जाएगी। पीड़ितों ने कोई भी आधिकारिक शिकायत नहीं दी थी लेकिन जब आज उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने आवेदन दिया जिस पर एफ़आईआर दर्ज की है।”

