झारखण्ड:एसीबी के हत्थे चढ़ा दो घूसखोर कर्मचारी,राँची और हजारीबाग एसीबी की टीम ने की कार्रवाई…

 

राँची।झारखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीमों ने दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई की है।एसीबी की राँची और हजारीबाग टीम ने गुरुवार को जाल बिछाकर दो भ्रष्ट कर्मियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया पहली कार्रवाई सिमडेगा में जिला समादेष्टा कार्यालय के मुंशी के खिलाफ हुई, जबकि दूसरी कार्रवाई कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया विद्युत आपूर्ति प्रमंडल में तैनात एक कर्मी पर की गई दोनों ही मामलों में आरोपी कर्मचारियों को रिश्वत की रकम के साथ मौके से दबोचा गया।

राँची एसीबी की टीम ने सिमडेगा जिले में कार्रवाई को अंजाम दिया है जिला समादेष्टा कार्यालय (सिमडेगा) में कार्यरत वर्तमान मुंशी राजू कुमार साहू (पिता- चमरू साहू) को सात हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। बुरुइरगी (गाटीगढ़ा, बानो, सिमडेगा) के रहने वाले गृहरक्षक (होमगार्ड जवान संख्या- 16559) श्रवण गोप को ड्यूटी देने के एवज में कार्यालय के मुंशी राजू कुमार साहू द्वारा सात हजार की रिश्वत मांगी जा रही थी, चूंकि श्रवण गोप रिश्वत देकर काम नहीं कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी लिखित शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो,राँची में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो द्वारा मामले का विधिवत सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप पूरी तरह सत्य पाए गए।इसके बाद राँची की टीम ने मुंशी राजू कुमार साहू को जिला समादेष्टा कार्यालय परिसर से ही सात हजार रुपया की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।

दूसरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (हजारीबाग) की टीम द्वारा कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया में की गई। यहां विद्युत आपूर्ति प्रमंडल कार्यालय में प्रतिनियुक्ति सहायक (लाइनमैन) के पद पर कार्यरत सुनील कुमार (उम्र 46 वर्ष, पिता- स्व. नारायण लाल दास) को पांच की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। चौधरीडीह (डोमचांच, कोडरमा) निवासी राजू कुमार यादव ने अपने ईंट प्लांट के लिए अक्टूबर 2023 में एक विद्युत कनेक्शन लिया था।बाद में प्लांट बंद होने के कारण उन्होंने कनेक्शन कटवाने और बकाया बिल को उनकी जमा सिक्योरिटी मनी से काटने के लिए जुलाई 2025 में आवेदन दिया था। डोमचांच बिजली कार्यालय के जेई द्वारा कनेक्शन बंद करने की रिपोर्ट तो भेज दी गई थी, लेकिन सिक्योरिटी मनी रिफंड करने और फाइल को राँची भेजने के नाम पर लेखापाल सुनील (सत्यापन में आरोपी सुनील कुमार, लाइनमैन/सहायक) द्वारा पहले 15 हजार रुपया की मांग की जा रही थी। बाद में सौदा पांच में तय हुआ। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने हजारीबाग एसीबी से संपर्क किया. टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी द्वारा पांच हजार मांगे जाने की पुष्टि हुई।इसके बाद एसीबी की टीम ने आरोपी सुनील कुमार को झुमरी तिलैया स्थित कार्यालय से आवेदक से पांच रुपया की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

error: Content is protected !!