दिल्ली दंगा: लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा सम्पति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों कि सम्पति होगी जप्त

दिल्ली दंगों पर अमित शाह ने विपक्ष के एक 1 सवालों के जवाब दिए उन्होंने लोकसभा में यह भी बताया कि आखिर दिल्ली दंगा क्यों हुआ क्या जाने के दौरान पुलिस ने पत्थर चलाएं दंगे में कितने मुस्लिम और कितने हिंदू मारे गए अमित शाह ने इस सब के जवाब दिए इसके अलावा उन्होंने सोनिया गांधी का एक स्पीच का जिक्र किया उन्होंने बताया कि आखिर शाहीन बाग में धरना प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई लोकसभा में अमित शाह के स्पीच को सवाल-जवाब के फॉर्म में समझने की कोशिश करते हैं।

सवाल 1. क्या दिल्ली में दंगा एक साजिश थी?

अमित शाह ने कहा हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी एक भी निर्दोष को दिक्कत ना हो। दो एसआईटी टीम का गठन किया गया है। दिल्ली दंगे में 152 हथियार बरामद किए गए जो दंगे के अंदर इस्तेमाल किए गए। षडयंत्र का भी केस दर्ज किया गया है। ऐसा दंगा तभी संभव है जब पहले से कोई प्लानिंग की गई हो।

सवाल 2. क्या दिल्ली दंगे के आरोप में निर्दोषों को भी गिरफ्तार किया गया है?

लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने बतलाया कि दोषियों को पकड़ने के लिए 40 टीमों का गठन किया गया है।गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के बयानों का वीडियोग्राफी हो रही है। जिन्होंने भी हिंसा करने की हिमाकत की है वह कानून से इधर-उधर नहीं भर पाएंगे। हमने सभी की पूरी तरह से चिंता की है। मैंने खुद मीटिंग ली है, जांच प्रक्रिया में किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। गिरफ्तार वही होगा जिसके खिलाफ सबूत होगा। सबूत पहले पुलिस जांच करेगी। इसलिए चिंता करने की जरूरत नहीं है।

सवाल 3. क्या सीसीए को लेकर मुस्लिमों को गुमराह किया गया?

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं इस दंगे की पृष्ठभूमि में जाना चाहूंगा। हमने पूरी लोकतांत्रिक तरीके से नागरिकता संसोधन बिल पास किया है। सीएए के बिल को लेकर सदन में पूरे अस्पष्टता थी। लेकिन देश में युवाओं को गुमराह किया गया। सीएए पर मुस्लिमों को गुमराह किया गया। कहा जा रहा है कि कोई ऐसा कानून नहीं है जो धर्म के आधार पर हो। मैं ऐसे 25 कानून जानता हूं जो धर्म के आधार पर है। मैं सदन के पटल पर रख सकता हूँ कि कई कानून धर्म के आधार पर बने हैं। इस बीच उन्होंने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का भी जिक्र किया।

सवाल 4. क्या हेट स्पीच की वजह से दिल्ली दंगा हुआ?

अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सीएए के विरोध में लोग बैठे थे। सीएए के पक्ष में लोगों के निकलने से दंगे हो गए, ऐसा नहीं है। इससे पहले भी सीएए के समर्थन में रैलियां निकली लेकिन कहीं पर भी ऐसा नहीं हुआ। अब बताता हूं कि ऐसा क्यों हुआ 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में सीएए के विरोध में एक रैली हुई। भाषण हुआ के घर से बाहर निकलो आर-पार की लड़ाई लड़ो अभी नहीं निकलोगे तो कायर कहलाए जाओगे। विपक्ष की यह स्पीच नहीं दिखी। 14 दिसंबर की रैली के बाद 16 दिसंबर से शाहीन बाग में धरना शुरू हो गया। 17 फरवरी को एक हेट स्पीच हुई भाषण दिया गया कि 24 तारीख को जब डोनाल्ड ट्रंप भारत आएंगे तब लोग रोड पर निकले।

सवाल 5. दिल्ली में दंगे की शुरुआत कब हुई और दिल्ली हिंसा में सोशल मीडिया का क्या रोल था?

अमित शाह ने बताया कि 19 फरवरी को वारिस पठान कहते हैं कि हक मांगने से नहीं छीनने से मिलता है। इस बयान के कुछ दिनों बाद दिल्ली में 24 फरवरी को दंगा हो जाता है। बयान वापस लेने से कुछ नहीं होता, हेट स्पीच अपना असर दिखाती है। ऐसे भाषणों के बाद 22 फरवरी को दिल्ली के अलग-अलग जगहों पर विवाद हुआ जो 24 फरवरी को दंगे में बदल गया। अमित शाह ने कहा सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 60 अकाउंट ऐसे मिले हैं जो 22- 23 फरवरी को बंद हो गए। जहां पर भी इन अकाउंट के बनाने वाले हैं पुलिस खोज कर निकाल लेगी। 25 मामले आईटी एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। अमित शाह ने कहा कि दंगो के लिए और दिल्ली में हिंसा फैलाने के लिए पैसे भी पहुंचाए गए हैं। हम इसकी तह तक जाएंगे। सोशल मीडिया से भी लोगों को भड़काने का काम हुआ है।

सवाल 6. दिल्ली दंगे में कितने लोगों की मौत हुई और क्या दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस ने भी पत्थर चलाए?

अमित शाह ने कहा कि दिल्ली हिंसा के दौरान 52 भारतीयों की मौत हुई है, 142 भारतीयों के घर जले हैं, ओवैसी जी ने बड़े जुनून के साथ कहा कि मस्जिद जलाए गए। ओवैसी जी को बताना चाहूंगा कि साहब दिल्ली हिंसा के दौरान मंदिर भी जलाए गए। आगे अमित शाह ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पुलिस ने दंगाइयों को भगाने के लिए पत्थर चलाए। वह दंगाइयों के साथ नहीं थे। 5000 ज्यादा आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। कुछ लोगों ने कहा कि सीआरपीएफ और आर्मी भेजनी चाहिए थी। बताना चाहता हूँ कि 23 तारीख को दिल्ली पुलिस की 17 कम्पनी और सीएपीएफ की 13 कम्पनी यानी कुल 30 कम्पनी क्षेत्र में पहले से ही रखी गई थी।

सवाल 7. पुलिस ने कितने देर में दिल्ली हिंसा को रोका और कितने एफ आई आर दर्ज की गई?

अमित शाह ने बताया कि दिल्ली की जनसंख्या 1.7 करोड़ है हिंसा की चपेट में आए इलाके की आबादी 20 लाख के आसपास है। दिल्ली पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित किया। दंगो को 4% भौगोलिक क्षेत्र और दिल्ली की 13% आबादी तक सीमित रखने का काम दिल्ली पुलिस ने किया। दिल्ली पुलिस ने मात्र 36 घंटे में हिंसा को रोककर अन्य जगहों पर फैलने से रोका। विपक्ष को तथ्यों को तोड़ने मरोड़ने का अधिकार नहीं है। 27 फरवरी से लेकर अब तक 700 एफआईआर दर्ज किया गया है।

सवाल 8. क्या अमित शाह दिल्ली हिंसा के दौरान ट्रम्प के साथ व्यस्त थे?

अमित शाह ने कहा मैं बड़े संयम के साथ इसको स्पष्ट करना चाहूंगा कि दिल्ली हिंसा के दौरान मैं पूरे समय दिल्ली पुलिस के साथ था।हिंसा के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ आगरा और डिनर पर भी मैं नहीं गया। अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल मेरे कहने पर ही वे दंगा प्रभावित इलाकों में गए। मैं इसलिए नहीं गया, क्योंकि मैं जानता था कि मैं वहां जाता तो पुलिस मेरे पीछे ही लगी रहती।

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