हजारीबाग में मजदूरी करने गई महिला से सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट,इलाज के दौरान महिला की रिम्स में मौत..
हजारीबाग।झारखण्ड के हजारीबाग जिले में एक 35 वर्षीय महिला लाश 30 अप्रैल को रात लगभग 9 बजे उसके गांव पहुंची। लाश पहुंचते हीं उसके बच्चे और घर -परिवार के लोग लाश से लिपटकर दहाड़े मारकर रोने लगे। गांव वाले भी उसकी मृत्यु पर कहते सुने गए कि अब इसका घर बर्बाद हो गया। घर में बच्चों की देख -रख करने वाला कोई न रहा।
मृतका का भाई सोनू ने शुक्रवार को बताया कि उसकी बहन ,अपने चार बेटियों और एक बेटे के साथ हजारीबाग में रहकर मजदूरी किया करती थी। बच्चों का भरन – पोषण और शिक्षण का कार्य अपनी मजदूरी से कर पाती थी। सिमरा ढाब का घर बंद रहता था। इसी बीच उसके मृत्यु की खबर आई और हम सब को झटका लगा।
परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार,महिला 24 अप्रैल को अपने गांव आई थी। 26 अप्रैल को मुंशी सिकंदर टुडू ने उसे फोन कर यह कहकर बुलाया कि ठेकेदार पैसा दे रहा है, आकर ले जाओ।पैसे लेने की बात सुनकर महिला उसी दिन वापस चली गई।मृतका के भाई जुगल ने रिम्स राँची में पुलिस दंडाधिकारी को दिए फर्द बयान में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ठेकेदार मनोज कुमार (रामगढ़ निवासी), उसका भगिना सूरज कुमार और मुंशी सिकंदर टुडू ने मिलकर महिला के साथ मारपीट की और उसके साथ दुष्कर्म किया।हालत बिगड़ने पर आरोपियों ने ही उसे रिम्स राँची में भर्ती कराया और मुंशी ने फोन पर इसकी सूचना परिजनों को दी।
परिजनों ने बताया कि जब वे रिम्स पहुंचे, तो मिता बेहोश थी और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। 30 अप्रैल को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।शुक्रवार रात लगभग 9 बजे जब शव गांव पहुंचा, तो मासूम बच्चे अपनी मां के शव से लिपटकर दहाड़ें मारकर रोने लगे। ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। हर कोई यही कह रहा था कि अब इन अनाथ बच्चों का क्या होगा, घर बर्बाद हो गया।मृतका के पति को गुजरात में सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।भाई जुगल और सोनू ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और पीड़ित बच्चों के लिए न्याय की मांग की है।पुलिस ने बयान के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

