फर्जी लूटकांड का खुलासा: ईकॉम एक्सप्रेस कूरियर कंपनी में पैसा फंसे होने के वजह कर्मी ने रची थी फर्जी लूट की साजिश, आधा दर्जन गिरफ्तार

राँची। ईकॉम एक्सप्रेस कूरियर कंपनी में पैसा फंसे होने के वजह कर्मी ने ही रची थी फर्जी लूट की साजिश।एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए लूट की घटना में शामिल छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों में संदीप तुरी, विनोद लोहरा, विशाल मुंडा, रोशन मुंडा, आशीष रंजन और टिंकू कुमार शामिल है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से लूट की घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और 1.39 लाख रूपया बरामद किया है।

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कर्मी ने रची थी लूट की साज़िश

गिरफ्तार अपराधियों संदीप तुरी, विनोद लोहरा और विशाल मुंडा ने पुलिस के द्वारा किए पुछताछ में बताया की पूर्व से ही इन लोगों का सम्पर्क कंपनी के कर्मी रोशन मुंडा, आशीष रंजन और टिंकू कुमार से था।उसने बताया की इनका पैसा कम्पनी में फंसा हुआ है।जिस वजह से कंपनी के कार्यालय में फर्जी लूट की साजिश रची गई।ताकि जिनका पैसा फंसा है उनका पैसा भी मिल जाए और कुछ रूपया फायदा हो जाए। इसी को लेकर लूट की घटना को अंजाम दिया थाम

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों तक पहुंची पुलिस

लूट की घटना के बाद पुलिस को घटना का सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा था. फुटेज में लूटपाट की पूरी वारदात कैद हो गई थी. बीते 23 मई को हथियार बंद दो अपराधी कूरियर के ऑफिस में हेलमेट पहकर आया और आने के साथ ही एक अपराधी पिस्टल निकाल लिया. ऑफिस के अंदर प्रवेश करने के बाद दोनों अपराधी कुरियर के ऑफिस का शटर भी गिरा दिया. उसके बाद ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में लेते हैं और लूटपाट करना शुरू कर देते हैं. इस दौरान जब कुरियर ऑफिस के दोनों कर्मचारी विरोध करने की कोशिश करते हैं, तो दोनों अपराधी उन्हें गोली मारने की धमकी दिया. इसकी वजह से दोनों शांत गए. अपराधी लूटपाट की वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार गया था।

10 मिनट तक रहे थे ऑफिस में अपराधी:

हेलमेट पहने दोनों अपराधी कुरियर कंपनी के ऑफिस में लगभग 10 मिनट तक रहे थे. इस दौरान अपराधियों हथियार के बल पर ऑफिस में रखे लगभग 2.60 रुपए लूट लिए और फिर दोनों कर्मचारियों को धमकाते हुए मौके से फरार हो गए थे. अपराधियों ने स्वीकार किया कि कुल 1.60 रूपया की ही लूट हुई थी. अपराधियों के द्वारा कंपनी के हिसाब में गड़बड़ एक लाख रूपया मिलाने के लिए 1.60 लाख के जगह 2.60 रूपया लूटे जाने का मामला दर्ज कराया गया था।