12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशभर में उत्साह, कोलकाता में प्रधानमंत्री ने किया योग, सेना ने सीमाओं पर दिखाया जोश

कोलकाता। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश में योग को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। केंद्र सरकार ने इस वर्ष के योग दिवस को व्यापक जनभागीदारी और स्वस्थ जीवनशैली के संदेश के साथ मनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।पीएम मोदी रविवार को कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह शामिल हुए। उन्होंने कहा- हमारा लक्ष्य 40 साल की उम्र में 20 साल की उम्र से ज्यादा लचीले होना, 50 साल की उम्र में 30 से ज्यादा ऊर्जावान और 70 की उम्र में 50 साल से ज्यादा स्वस्थ रहना होना चाहिए।
पीएम ने कहा कि योग दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है, जो लोगों, देशों और संस्कृतियों को एक साथ जोड़ता है। उन्होंने कहा कि 21 जून, जो पृथ्वी का सबसे लंबा दिन माना जाता है, अब पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।
पीएम के साथ कोलकाता के ऐतिहासिक ‘रेड रोड’ पर हजारों लोगों ने योग किया। पीएम ने ताड़ासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन और त्रिकोणासन किया। कॉमन प्रोटोकॉल योग सत्र के दौरान पीएम लोगों के बीच पहुंचे और उनकी योग मुद्राओं को सुधारने में मदद करते नजर आए। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” यानी बढ़ती उम्र के लिए योग है। इस थीम का मकसद यह बताना है कि योग सिर्फ फिटनेस का माध्यम नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर, मन और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का भी तरीका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग करते हुए लोगों को उनका पोस्चर ठीक करने में मदद करते दिखे।


देश के विभिन्न राज्यों में भी केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कई शहरों में सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, विद्यालयों और सरकारी संस्थानों में सामूहिक योग सत्र आयोजित किए गए। योग दिवस के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने का संदेश दिया गया।
वहीं भारतीय सेना ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाया। सेना के जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्रों, सैन्य छावनियों तथा दुर्गम स्थानों पर योगाभ्यास कर फिटनेस और अनुशासन का संदेश दिया। कई सैन्य स्टेशनों पर सैनिकों, उनके परिवारों और बच्चों ने सामूहिक योग सत्रों में भाग लिया। सेना के अधिकारियों ने कहा कि योग सैनिकों को शारीरिक रूप से सक्षम और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किए जाने के बाद से हर वर्ष विश्वभर में यह दिवस मनाया जाता है। भारत की पहल पर शुरू हुए इस अभियान को दुनिया के अनेक देशों का समर्थन प्राप्त है और आज योग वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है।
योग दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन के लिए योग आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सदियों पहले था।

