राँची के लग्जरी फ्लैट में चल रही थी ‘साइबर यूनिवर्सिटी’, जामताड़ा-रामगढ़ गैंग के 5 शातिर दबोचे गए
राँची।राजधानी राँची के गोंदा थाना इलाके में पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। चांदनी चौक स्थित ‘रॉक व्यू अपार्टमेंट’ के एक फ्लैट में चल रही साइबर ठगी की पूरी पाठशाला पर पुलिस ने गुरुवार की देर रात छापा मारकर पांच युवकों को गिरफ्तार किया। खुलासा हुआ है कि यहां युवाओं को साइबर फ्रॉड की बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती थी और फर्जी बैंक खातों के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम देने की तैयारी चल रही थी।
एसएसपी राकेश रंजन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर DSP सदर संजीव बेसरा और गोंदा थाना प्रभारी अभय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार की रात करीब 8 बजे फ्लैट पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान कमरे के अंदर मौजूद पांच युवकों को हिरासत में लिया गया। तलाशी में बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा नेटवर्क ‘निखिल भैया’ नाम के मास्टरमाइंड द्वारा संचालित किया जा रहा था। वही युवाओं को साइबर अपराध के तरीके सिखाता था और फर्जी आईडी बनवाकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों में जामताड़ा के नारायणपुर निवासी काजल कुमार मंडल, रामगढ़ के आनंद कुमार, शाकिब अंसारी और आरियन कुमार के अलावा बोकारो के बिक्की कुमार और एक नाबालिग शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है
पुलिस ने फ्लैट से 50 बैंक पासबुक, 26 एटीएम कार्ड, 8 चेकबुक, 3 आधार कार्ड और 13 स्मार्टफोन जब्त किए हैं। इनमें से कई मोबाइल फोन सक्रिय हालत में मिले, जिनके जरिए साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस इस गिरोह के सरगना ‘निखिल भैया’ की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। गोंदा थाना में कांड संख्या 68/26 दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।

