सीआईडी ने डिजिटल अरेस्ट करने वाले साइबर अपराधी को सिम बेचने वाले को दबोचा… ईडी अफसर बन ठग लिए थे 10 लाख

 

राँची। झारखण्ड सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने डिजिटल अरेस्ट में शामिल एक साइबर अपराधी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है।गिरफ्तार साइबर अपराधी ने खुद को ईडी ऑफिसर बताकर पीड़ित से 10 लाख रुपये की ठगी की थी।सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह मामला झारखण्ड के एक पीड़ित से संबंधित है, जिसे डिजिटल अरेस्ट के नाम पर शिकार बनाया गया था।ठगों ने खुद को ईडी ऑफिसर बताकर पीड़ित को डराया धमकाया और उससे अलग-अलग बैंक अकाउंट में 10.47 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।इस मामले में शामिल एक पॉइंट ऑफ सेल एजेंट (सिम विक्रेता) सूरज कुमार चौधरी को बिहार के दरभंगा से गिरफ्तार किया गया है।अभियुक्त द्वारा कांड में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड फर्जी तरीके से उपलब्ध कराए गए थे।जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी करने के लिए किया था।

इस गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच चल रही है।वादी के लिखित आवेदन के आधार पर, साइबर थाना में कांड संख्या 20/26 दर्ज किया गया था।गिरफ्तार साइबर अपराधी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट में शामिल अपराधी की गिरफ्तारी के बाद बताया गया है कि इस तरह के साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को जानकारी होना बहुत जरूरी है। सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने नीचे दी गई गाइडलाइंस भी जारी की हैं, जिससे लोग डिजिटल अरेस्ट होने से बच सकते हैं।

कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती और न ही किसी का डिजिटल अरेस्ट करती है।

अज्ञात कॉलर्स द्वारा खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताकर दबाव डालने पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें।

किसी भी साइबर धोखाधड़ी की सूचना तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर दें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें

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