लिव-इन रिश्ते का खूनी अंत: पार्टनर बना बोझ तो रची मौत की साजिश, हत्या के बाद सड़क हादसे का रचा गया ड्रामा,माँ-बेटा सहित तीन गिरफ्तार

रखूंटी।झारखण्ड के खूंटी जिले में लिव-इन रिलेशनशिप का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की सच्चाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ रहने वाले पार्टनर को रास्ते से हटाने के लिए महिला ने अपने बेटे और एक रिश्तेदार के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद शव को जंगल में ले जाकर सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की पैनी जांच ने 48 घंटे के भीतर पूरे राज से पर्दा उठा दिया।

रनिया थाना क्षेत्र के तांबा जंगल के पास 15 जून को राधेश्याम साहू का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था। शव के पास उसकी स्कूटी भी खड़ी मिली थी। घटनास्थल का दृश्य ऐसा था कि पहली नजर में यह सड़क दुर्घटना का मामला लग रहा था। लेकिन पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने कहानी की दिशा ही बदल दी।

खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के दौरान सामने आया कि राधेश्याम साहू की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। जांच में पता चला कि मृतक एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। महिला इस रिश्ते को खत्म करना चाहती थी, लेकिन राधेश्याम इसके लिए तैयार नहीं था। यही तनाव आखिरकार खून-खराबे में बदल गया।

पुलिस के अनुसार, महिला ने अपने बेटे और एक रिश्तेदार के साथ मिलकर राधेश्याम की हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले डंडे से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल किया, फिर गला दबाकर उसकी जान ले ली। हत्या के बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। शव को स्कूटी पर लादकर तांबा जंगल ले जाया गया और वहां सिर पर भारी पत्थर से वार कर मौत सुनिश्चित की गई।

इसके बाद आरोपियों ने पूरी वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव और स्कूटी को इस तरह रखा कि मामला सड़क हादसा प्रतीत हो। इतना ही नहीं, पुलिस और परिजनों को भ्रमित करने के लिए हत्या को जमीन विवाद, अपहरण और अज्ञात अपराधियों से जोड़ने की भी कोशिश की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ऋषभ गर्ग के निर्देश पर डीएसपी विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। टीम ने लगातार तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को खंगालते हुए महज 48 घंटे में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया।

पुलिस ने इस मामले में किशुनपुर निवासी लक्ष्मी देवी, उसके पुत्र रविंद्र मांझी और तपकरा के बिरता निवासी संदीप मांझी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, मृतक का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त डंडा तथा घटना के समय पहनी गई चप्पलें बरामद की गई हैं।

जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ तस्वीरें और वीडियो भी मिले, जिन्होंने हत्या की साजिश और उनकी संलिप्तता की पुष्टि कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 

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