बोकारो पुलिस की बड़ी सफलता:महिलाओं से चेन छिनतई करने वाले पांच शातिर गिरफ्तार,सोने के जेवर व बाइक बरामद

बोकारो।झारखण्ड के बोकारो और चास के शहरी क्षेत्रों में महिलाओं से लगातार हो रही चेन छिनतई की घटनाओं पर आखिरकार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शातिर चेन स्नेचरों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर सिटी डीएसपी और चास एएसपी के नेतृत्व में गठित दो विशेष जांच दल (एसआईटी) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने के जेवर, नकदी, बाइक और अन्य सामान भी बरामद किया है।
गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी नाथू सिंह मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा के जाजपुर निवासी भोला दास, धनबाद के राणा उर्फ रजनीश सिंह, बिट्टू कुमार सिंह, श्रवण सिन्हा तथा परामानंद कुमार वर्मा शामिल हैं।

एसपी ने बताया कि 23 जून को सेक्टर-4 लक्ष्मी मार्केट में हुई चेन छिनतई की घटना की जांच के दौरान मुख्य आरोपी भोला दास की पहचान हुई। बुधवार रात सेक्टर-5 हटिया के पास उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बोकारो, गिरिडीह और रामगढ़ समेत विभिन्न जिलों में सात महिलाओं से चेन छिनतई की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।उसने सेक्टर-4 लक्ष्मी मार्केट, सेक्टर-5 हटिया, बेरमो, गिरिडीह के डुमरी व निमियाघाट तथा रामगढ़ में हुई कई वारदातों में अपनी संलिप्तता कबूल की है।

एसपी ने बताया कि 30 जून को चास स्थित प्रभात होटल के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने एक महिला से सोने की चेन छीन ली थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चास एएसपी वेदांत शंकर के नेतृत्व में गठित टीम ने धनबाद में लगातार छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने 25 जून को रानी सती क्लॉथ स्टोर, चास के पास हुई चेन छिनतई की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर सोने जैसा दिखने वाला लॉकेट, बिना नंबर की एक राइडर बाइक, 48 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन तथा बाइक की चाबी बरामद की है।

मुख्य आरोपी भोला दास के खिलाफ पश्चिम बंगाल, जसीडीह और ओडिशा में चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं अन्य गिरफ्तार आरोपियों पर बोकारो के चास और धनबाद में भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इस कार्रवाई के लिए गठित पहले एसआईटी का नेतृत्व सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने किया, जबकि दूसरे एसआईटी का नेतृत्व चास एएसपी वेदांत शंकर ने किया। दोनों टीमों में थाना प्रभारियों, पुलिस पदाधिकारियों, तकनीकी शाखा एवं सशस्त्र बल के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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