शराबबंदी वाले बिहार में गजब नजारा, शराब लदा ट्रक पलटा तो शराब लूटने उमड़ी भीड़,साइकिल-बाइक और ऑटो से कार्टन ले गए लोग..

अररिया। बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन अररिया में शराब से लदे एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होते ही सड़क पर ऐसा नजारा दिखा कि हर कोई हैरान रह गया। ट्रक पर लदी विदेशी शराब की पेटियां सड़क पर बिखर गईं और देखते ही देखते ग्रामीणों के बीच शराब लूटने की होड़ मच गई। कोई साइकिल लेकर पहुंचा, तो कोई बाइक,ऑटो और कार से शराब की पेटियां समेटने लगा। जिसको जितना मौका मिला, वह उतनी शराब लेकर मौके से निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक ट्रक में लदी शराब का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर लूटा जा चुका था।

घटना अररिया-रानीगंज मुख्य मार्ग स्थित एनएच-327 ई पर गीतवास टोल प्लाजा के पास की है। शराब से लदा छह पहिया मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बोर्ड से टकरा गया। हादसे के बाद ट्रक का चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। इधर, सड़क पर बिखरी शराब की पेटियों को देखकर आसपास के लोग जुटने लगे। शुरुआत में कुछ लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन शराब की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती चली गई।

ट्रक पलटा, फिर शराब समेटने की मच गई होड़
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, ट्रक दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसमें लदी विदेशी शराब की पेटियां सड़क पर बिखर गई थीं। इसके बाद वहां पहुंचे लोगों ने शराब की बोतलें और कार्टन उठाकर ले जाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति ऐसी हो गई कि लोग अपने-अपने साधनों से शराब ढोने में जुट गए।कोई साइकिल पर कार्टन रखकर निकल गया, तो कोई बाइक और ऑटो से शराब ले जाता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि आसपास के गांवों में खबर फैलने के बाद घरों और खेतों में काम कर रहे लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। शराब की पेटियां समेटने के लिए लोगों के बीच होड़ लग गई।घटना के दौरान कई लोगों ने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया। अब इन वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस के लिए शराब ले जाने वालों की पहचान करना जांच का अहम हिस्सा हो सकता है।

सिलीगुड़ी से शराब लेकर सुपौल जा रहा था ट्रक
मिली जानकारी के अनुसार, ट्रक संख्या AS 25 EC 0644 पर विभिन्न ब्रांड की भारी मात्रा में विदेशी शराब लदी हुई थी। शराब की यह खेप पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से चली थी और किशनगंज तथा अररिया के रास्ते सुपौल की ओर ले जाई जा रही थी।
इसी दौरान गीतवास टोल प्लाजा के समीप ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बोर्ड से टकरा गया। बताया जा रहा है कि हादसे में चालक घायल हुआ और वाहन पर से उसका नियंत्रण समाप्त हो गया। कुछ दूरी तय करने के बाद ट्रक सड़क किनारे रुक गया। इसके बाद चालक और सहचालक मौके से फरार हो गए।

हालांकि, शराब की खेप कहां से लाई गई थी, उसे किसके पास पहुंचाया जाना था और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है, इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

वहीं,ट्रक दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद रानीगंज थाना समेत अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर सदर एसडीपीओ सुशील कुमार सिंह, रानीगंज थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार और अन्य पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे।पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस के पहुंचने तक काफी मात्रा में शराब लोगों द्वारा ले जाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस लूटी गई शराब की बरामदगी और घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुट गई।

शराबबंदी के बीच तस्करी ने खड़े किए सवाल
बिहार में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से शराब की खेप पहुंचने और उसे विभिन्न रास्तों से ले जाने के मामले सामने आते रहते हैं। अररिया की इस घटना ने एक बार फिर शराब की तस्करी और उसकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी मात्रा में विदेशी शराब से लदा ट्रक किन परिस्थितियों में बिहार पहुंचा और उसे सुपौल तक ले जाने की योजना किसकी थी। साथ ही दुर्घटना के बाद शराब की पेटियां उठाकर ले जाने वाले लोगों की पहचान कर बरामदगी कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। ट्रक में शराब की कुल मात्रा, दुर्घटना के कारणों और बरामद की जाने वाली शराब की वास्तविक मात्रा के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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