जमुई में नाबालिग से बदसलूकी के वायरल वीडियो पर बड़ा एक्शन, वारदात में 5 धराए, वीडियो वायरल करने वाले भी 3 गिरफ्तार; मुख्य आरोपी का हाफ एनकाउंटर
जमुई। नाबालिग छात्रा से बदसलूकी और गाली-गलौज से जुड़े वायरल वीडियो मामले में जमुई पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले के मुख्य आरोपियों तक पहुंची पुलिस टीम और आरोपियों के बीच मुठभेड़ की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में एक राउंड फायरिंग की। गोली नंदन यादव के दाहिने पैर में लगी। इस कार्रवाई को मुठभेड़ और हाफ एनकाउंटर के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भागने की कोशिश कर रहा दूसरा आरोपी हरेराम यादव भी चोटिल हुआ, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया।दोनों आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा में जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब पांच बजे प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे दोनों आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस को देखते ही भागा हरेराम, पूछताछ में खोला नंदन का ठिकाना
प्रेस रिलीज के अनुसार, पुलिस की घेराबंदी के दौरान नदी के पश्चिमी बाहरी इलाके में जंगल की ओर छिपा एक आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने के दौरान वह कई बार गिरा, जिससे उसे चोट आई। पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम हरेराम यादव, पिता दीपू यादव, प्रतापपुर, जमुई बताया।पूछताछ में हरेराम ने पुलिस को बताया कि दूसरा आरोपी नंदन यादव भी नदी की तरफ आसपास के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया।
पुलिस के सामने नंदन ने कर दी फायरिंग, जवाबी गोलीबारी में पैर में लगी गोली
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए एक राउंड फायर किया। इस दौरान गोली नंदन यादव के दाहिने पैर में लगी। घायल आरोपी को पुलिस ने तत्काल अपनी अभिरक्षा में लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया।इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
वायरल वीडियो मामले में तीन नाबालिग भी पकड़े गए
पुलिस ने बताया कि 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने की सूचना मिली थी। वीडियो में कुछ लोगों द्वारा एक लड़का और लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने की बात सामने आई थी। वीडियो की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल वीडियो का तकनीकी सत्यापन कराया और पीड़ित दोनों नाबालिगों की पहचान की।
जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 76, 3(5) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8/12 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने 21 सितंबर को ही मामले में शामिल तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया था।
इसके बाद तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपियों नंदन यादव और हरेराम यादव तक पहुंची।
वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस का शिकंजा
मामला यहीं नहीं रुका। नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 में आईटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट और जेजे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, करीब 120 सोशल मीडिया पोस्ट/प्रोफाइल को चिन्हित किया गया है, जिनके जरिए आपत्तिजनक वीडियो को प्रसारित किया जा रहा था। इनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुंदन कुमार, फैयाज और रामाशीष कुमार शामिल हैं।
पुलिस की अपील- नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो शेयर न करें
जमुई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले किसी भी वीडियो, फोटो या पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर या वायरल न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे कंटेंट को प्रसारित करने वालों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस अब वायरल वीडियो बनाने, उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और मूल घटना में शामिल लोगों की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

